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दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी में ‘परंपरा, पर्यावरण और शिक्षा’ पर विशेष व्याख्यान आयोजित

रामचरितमानस और सरस्वती वंदना के प्रसंगों के माध्यम से विद्यार्थियों को दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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  • November 6, 2026 3:24 pm IST, Published 23 minutes ago

नई दिल्ली: कल पाँच नवंबर को दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी द्वारा ‘परंपरा, पर्यावरण और शिक्षा’ विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं राष्ट्रीय संस्कृत संवर्धन प्रतिष्ठान के अध्यक्ष प्रो. चाँद किरण सलूजा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

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अपने व्याख्यान में प्रो. सलूजा ने भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के अंतर्संबंधों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने रामचरितमानस एवं सरस्वती वंदना के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि भारतीय परंपरा में प्रकृति को केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन और सृष्टि के अभिन्न अंग के रूप में देखा गया है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने तथा पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन और व्यवहार का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय संस्कृत संवर्धन प्रतिष्ठान के कार्यपालक अधिकारी श्री लक्ष्मी नरसिम्हन जी ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृत साहित्य की शैक्षिक एवं सांस्कृतिक प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. संजीव कुमार राय ने कहा कि शिक्षण संस्थानों का प्रमुख उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज के लिए मूल्यवान, गुणवान और जिम्मेदार मनुष्यों का निर्माण करना है। दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी अपने विद्यार्थियों के माध्यम से इसी उद्देश्य को साकार करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

विशेष व्याख्यान के पश्चात विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा दीपावली मेले एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अनामिका, सत्यम, भावना, आकांक्षा, पलक, भूमी, इशिका, अन्वेषा और अन्य विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय परंपरा और उत्सवधर्मिता की झलक प्रस्तुत की। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों एवं उपस्थितजनों से पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्रदूषण मुक्त एवं हरित दीपावली (Green Diwali) मनाने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में डॉ. सरोज मलिक, डॉ. राजेश प्रसाद सिंह, डॉ. नसीरुद्दीन, डॉ. शालू यादव, डॉ. ऋचा, डॉ. शगुफ्ता, डॉ. तान्या, डॉ. आयुष, श्री पंकज झा सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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