कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में वर्ष 2017 से पहले की भर्ती व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता का अभाव था। उनका आरोप था कि भर्तियों में प्रभावशाली लोगों और परिवारों का दखल रहता था, जिसके कारण योग्य युवाओं को अवसर नहीं मिल पाते थे। प्रतिभाशाली नौजवानों को रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए काम किया है, जिससे प्रदेश के युवाओं को योग्यता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस व्यवस्था में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पुलिस अधिकारियों के लिए पारंपरिक प्रशिक्षण के साथ आधुनिक तकनीकों की जानकारी भी बेहद जरूरी होगी। साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में पुलिस की क्षमता बढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए गए हैं।
उन्होंने नवनियुक्त उपनिरीक्षकों से कहा कि वे नई तकनीकों को सीखने के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखें। अपराध का स्वरूप बदल रहा है और अब अपराधी भी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस को भी आधुनिक संसाधनों और तकनीकी दक्षता के साथ खुद को तैयार करना होगा। साइबर अपराध, डिजिटल धोखाधड़ी और तकनीक आधारित चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित पुलिस बल समय की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने इस भर्ती प्रक्रिया को पूरा कराने में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि 4,543 अभ्यर्थियों का चयन निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरा कराया गया है। चयनित युवाओं को पुलिस के अलग-अलग विभागों और इकाइयों में अपनी सेवाएं देने का अवसर मिलेगा। उन्होंने सभी नवनियुक्त अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे जनता के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि स्थापित करने में योगदान देंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आने वाले दिनों में रोजगार के नए अवसरों को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दीपावली के बाद भैया दूज के अगले दिन राजस्व विभाग के 1,200 से अधिक चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 42 हजार होमगार्ड्स को भी नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। पुलिस विभाग में अन्य भर्तियों के संबंध में मुख्यमंत्री ने बताया कि 32 हजार कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल पदों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। फिलहाल चयनित अभ्यर्थियों का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन पूरा होने के बाद उन्हें भी नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं को रोजगार देने का अभियान लगातार जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अगले छह महीनों में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। धनतेरस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया किसी एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अलग-अलग विभागों में चयनित युवाओं को लगातार नियुक्तियां दी जाएंगी। अंत में मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त उपनिरीक्षकों से अपील की कि वे अपने पद की गरिमा बनाए रखें और आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि पुलिस की सफलता केवल अपराध नियंत्रण के आंकड़ों से नहीं, बल्कि जनता के भरोसे से भी तय होती है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी को कानून के दायरे में रहकर कमजोर और जरूरतमंद लोगों की सहायता करनी चाहिए। सरकार का प्रयास एक ऐसी पुलिस व्यवस्था तैयार करना है, जो आधुनिक, जवाबदेह, संवेदनशील और तकनीकी रूप से सक्षम हो।