इसके अलावा रायबरेली-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के 38 किलोमीटर लंबे बाईपास का भी लोकार्पण किया गया। इस परियोजना पर करीब 1,078 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। वहीं, 63 किलोमीटर लंबी रायबरेली-प्रयागराज लिंक रोड का निर्माण लगभग 1,505 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। इन सड़कों से क्षेत्र में यात्रा का समय घटने के साथ माल परिवहन को भी फायदा मिलने की संभावना है। केंद्रीय मंत्री ने जौनपुर में पांच अन्य सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। इनमें मुंगराबादशाहपुर में 198 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला चार किलोमीटर लंबा बाईपास प्रमुख है। इसके तैयार होने से शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होगा। प्रयागराज, प्रतापगढ़ और जौनपुर की ओर जाने वाले वाहन चालकों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
इसके साथ ही लता मंगेशकर तिराहे से प्रसाद इंस्टीट्यूट तक 4.7 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग-128ए से जुड़ी इस परियोजना पर करीब 33 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सई नदी पर 16 करोड़ रुपये की लागत से नया पुल बनाने की योजना भी शामिल है। इसके अतिरिक्त 12 किलोमीटर लंबे जौनपुर बाईपास और मड़ियाहूं में रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण भी प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं से स्थानीय यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने उत्तर प्रदेश में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राज्य में पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक की सड़क परियोजनाओं पर काम हो रहा है। इनमें करीब एक लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि लगभग सवा लाख करोड़ रुपये की योजनाओं पर काम जारी है। इसके अलावा करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं मंजूरी की प्रक्रिया में हैं।
गडकरी ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के किसान केवल अन्न उत्पादन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि एथेनॉल और हाइड्रोजन जैसे ईंधन के उत्पादन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। गन्ना, मक्का और गेहूं से एथेनॉल तैयार करने के साथ कृषि अवशेषों और अन्य जैविक कचरे से हाइड्रोजन उत्पादन की संभावनाएं मौजूद हैं। इससे पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों और स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को भविष्य की जरूरत बताया। गडकरी के अनुसार, सरकार सड़क परिवहन को आधुनिक बनाने के साथ पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों को भी प्रोत्साहित कर रही है। इलेक्ट्रिक बसों, ट्रकों और निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली मशीनों को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अमेठी और रायबरेली जैसे क्षेत्रों में पिछले दस वर्षों के दौरान भाजपा सरकार ने जितना सड़क विकास कराया है, उतना काम पहले के लंबे कार्यकाल में नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास की प्रक्रिया अभी जारी है और आने वाले समय में इसका दायरा और बढ़ेगा। इन परियोजनाओं से पूर्वांचल के व्यापारियों, किसानों, यात्रियों और उद्योगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। खासकर भदोही के कालीन कारोबार को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिल सकती हैं। जौनपुर, मछलीशहर और मड़ियाहूं में बाईपास तथा रेलवे ओवरब्रिज बनने से यातायात का दबाव घटेगा। कुल मिलाकर 3,677 करोड़ रुपये की ये परियोजनाएं पूर्वांचल में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने और क्षेत्रीय विकास को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।