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तीन राज्यों में आतंक का आरोपी पुलिस गिरफ्त में, 26 मामलों में था घोषित अपराधी

दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में झपटमारी तथा चोरी की घटनाएं आम नागरिकों के लिए लगातार चिंता का विषय रही हैं। विशेष रूप से बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और व्यस्त सड़कों पर मोबाइल फोन तथा अन्य कीमती सामान छीनने की घटनाओं से लोगों को परेशानी होती है। ऐसे अपराधों में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

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Gauravshali Bharat News
  • November 6, 2026 9:00 pm IST, Published 11 minutes ago

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कुख्यात अंतरराज्यीय झपटमार गौरव यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपी दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में सक्रिय रहा है तथा उसके खिलाफ स्नैचिंग, चोरी और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दिल्ली और हरियाणा के 26 मामलों में घोषित अपराधी था। उसकी गिरफ्तारी से कई आपराधिक वारदातों से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
पुलिस के अनुसार, गौरव यादव लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल था। वह अलग-अलग राज्यों में झपटमारी और चोरी की घटनाओं को अंजाम देने के आरोपों का सामना कर रहा है। उसके खिलाफ दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में कुल 54 आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें मोबाइल और अन्य कीमती सामान छीनने, चोरी करने तथा अवैध हथियार रखने से जुड़े मामले शामिल बताए जा रहे हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ दिल्ली और हरियाणा में दर्ज 26 मामलों में उसे घोषित अपराधी घोषित किया गया था। इसके बावजूद वह लगातार पुलिस की पकड़ से बचने की कोशिश कर रहा था। अलग-अलग राज्यों में उसके खिलाफ दर्ज मामलों को देखते हुए पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। आखिरकार दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और तीन कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी के पास हथियार कहां से आया और क्या इसका इस्तेमाल किसी आपराधिक वारदात में किया गया था। बरामद हथियार और कारतूस को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। इस संबंध में आर्म्स एक्ट के तहत भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।  पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी केवल एक अपराधी को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क की जानकारी जुटाने में भी मदद मिल सकती है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गौरव यादव किन लोगों के संपर्क में था और क्या उसके साथ कोई अन्य अपराधी भी वारदातों में शामिल रहता था। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और लंबित मामलों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि विभिन्न राज्यों में दर्ज मामलों में उसकी क्या भूमिका रही है। जिन मामलों में वह पहले से वांछित था, वहां की संबंधित पुलिस इकाइयों से भी संपर्क किया जा सकता है, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके।दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में झपटमारी तथा चोरी की घटनाएं आम नागरिकों के लिए लगातार चिंता का विषय रही हैं। विशेष रूप से बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और व्यस्त सड़कों पर मोबाइल फोन तथा अन्य कीमती सामान छीनने की घटनाओं से लोगों को परेशानी होती है। ऐसे अपराधों में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की इस कार्रवाई को अंतरराज्यीय अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। हालांकि, आरोपी के खिलाफ दर्ज सभी मामलों में उसकी भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। फिलहाल पुलिस गौरव यादव से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान उसके अन्य साथियों, हथियारों के स्रोत और अलग-अलग राज्यों में हुई आपराधिक घटनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। पुलिस की आगे की कार्रवाई इन जानकारियों और संबंधित मामलों के रिकॉर्ड के आधार पर तय होगी।


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