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दिल्ली-NCR में प्रदूषण नियंत्रण के लिए बड़ा कदम, GRAP का तीसरा चरण लागू

गौरतलब है कि CAQM ने 29 सितंबर 2026 को GRAP के संशोधित ढांचे को मंजूरी दी थी। इसमें प्रदूषण नियंत्रण के लिए चार चरणों में कुल 48 कार्रवाई बिंदु निर्धारित किए गए हैं। तीसरे चरण में 10 प्रमुख कार्रवाई बिंदु शामिल हैं।

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Gauravshali Bharat News
  • November 6, 2026 7:00 pm IST, Published 7 minutes ago

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग की GRAP उप-समिति ने एहतियाती तौर पर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण को लागू करने का फैसला किया है। इस निर्णय के बाद दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े प्रतिबंध और सख्त किए जाएंगे।

GRAP-III लागू होने का उद्देश्य हवा की गुणवत्ता को और खराब होने से रोकना तथा प्रदूषण के स्रोतों पर नियंत्रण करना है। इसके तहत निर्माण गतिविधियों, वाहनों और धूल फैलाने वाले कार्यों पर अतिरिक्त पाबंदियां लगाई जाती हैं। आयोग के इस फैसले से निर्माण कार्यों पर सबसे अधिक असर पड़ने की संभावना है। GRAP-III के तहत धूल और प्रदूषण फैलाने वाली निर्माण एवं तोड़फोड़ गतिविधियों पर सख्त प्रतिबंध लागू किए जाते हैं। इसमें खुदाई, मिट्टी भरने, पाइलिंग और खुले तरीके से सीवर, पानी तथा बिजली की लाइन बिछाने जैसे कार्य शामिल हो सकते हैं। हालांकि, निर्धारित आवश्यक और छूट प्राप्त परियोजनाओं के लिए अलग नियम लागू हो सकते हैं।

वाहनों को लेकर भी सख्ती बढ़ाई जाएगी। संशोधित GRAP व्यवस्था के तहत दिल्ली-एनसीआर के गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और सोनीपत में BS-III पेट्रोल तथा BS-IV डीजल या इससे पुराने मानक वाले चार पहिया हल्के वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लागू हो सकता है। इसके अलावा दिल्ली में बाहर से पंजीकृत BS-IV और इससे नीचे के डीजल लाइट एवं मीडियम गुड्स वाहनों के प्रवेश पर भी रोक का प्रावधान है।

Gauravshali BharatGRAP-III को वायु गुणवत्ता के गंभीर स्तर यानी AQI 401 से 450 की स्थिति से जोड़ा गया है। हालांकि, मौसम और प्रदूषण के पूर्वानुमान को देखते हुए CAQM एहतियातन भी प्रतिबंध लागू कर सकता है। इसका उद्देश्य प्रदूषण के स्तर को और गंभीर होने से पहले नियंत्रित करना है।दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों पर अधिक पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को बाहर निकलते समय सावधानी बरतने, अनावश्यक वाहन इस्तेमाल से बचने और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने की सलाह दी जाती है।

प्रशासन की ओर से प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों, निर्माण स्थलों और अन्य गतिविधियों की निगरानी बढ़ाई जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। नागरिकों से अपील की जाती है कि वे खुले में कूड़ा न जलाएं, निजी वाहनों का अनावश्यक इस्तेमाल न करें और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन करें।

गौरतलब है कि CAQM ने 29 सितंबर 2026 को GRAP के संशोधित ढांचे को मंजूरी दी थी। इसमें प्रदूषण नियंत्रण के लिए चार चरणों में कुल 48 कार्रवाई बिंदु निर्धारित किए गए हैं। तीसरे चरण में 10 प्रमुख कार्रवाई बिंदु शामिल हैं। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर के लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि GRAP-III के तहत कौन-कौन से प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू किए जाते हैं और प्रदूषण की स्थिति में कितना सुधार आता है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती हवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के साथ आम लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित किए बिना प्रदूषण पर नियंत्रण करना है।


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