केंद्र सरकार की कैबिनेट ने किसानों, ऊर्जा क्षेत्र और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी है। इन फैसलों का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को मजबूती देना, ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाना और तेज़ रफ्तार परिवहन नेटवर्क का विस्तार करना है।
कैबिनेट ने खरीफ फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। धान, तुअर, उड़द, सोयाबीन, मक्का और कपास समेत प्रमुख खरीफ फसलों के एमएसपी में इजाफा किया गया है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलेगा और खेती को लाभकारी बनाने में मदद मिलेगी।
ऊर्जा क्षेत्र में सरकार ने कोल गैसीफिकेशन इंसेंटिव स्कीम को मंजूरी दी है। इसके तहत सरफेस कोल और लिग्नाइट गैसीफिकेशन को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार ने इस योजना के लिए 37,500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मंजूर की है। इस परियोजना के जरिए घरेलू कोयले से यूरिया, अमोनिया और मेथनॉल जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे। सरकार ने वर्ष 2030 तक 100 मिलियन टन कोल गैसीफिकेशन क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है। माना जा रहा है कि इससे आयात पर निर्भरता कम होगी और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा कैबिनेट ने गुजरात में अहमदाबाद और धोलेरा के बीच सेमी हाई स्पीड डबल रेलवे लाइन परियोजना को भी मंजूरी दी है। करीब 134 किलोमीटर लंबी इस डबल लाइन परियोजना से क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। सरकार का कहना है कि यह परियोजना भविष्य में बढ़ते यात्री और माल परिवहन को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है।