नयी दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को ‘टैलेंट हंट स्कीम – हौसलों की उड़ान 2026-27’ की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि दिल्ली के युवाओं की प्रतिभा को पहचानने, निखारने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का एक सशक्त मंच होगी। जन सेवा सदन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने योजना के आधिकारिक लोगो का भी अनावरण किया। इस मौके पर दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का मानना है कि हर युवा में कोई न कोई प्रतिभा होती है और जरूरत केवल सही मंच और अवसर की है। इसी उद्देश्य से कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग इस योजना को लागू करेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और नई पहचान बनाने का अवसर देगी। साथ ही यह दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक रचनात्मकता को भी बढ़ावा देगी।
उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य केवल प्रतिभा की खोज करना नहीं, बल्कि युवाओं के लिए ऐसा मंच तैयार करना है जो समावेशिता, विविधता और स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा दे। यह पहल विभिन्न सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं को समान अवसर उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार योजना दिल्ली की सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में लागू की जाएगी। इसके लिए 10 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। योजना के तहत करीब 25 हजार से अधिक युवाओं को विभिन्न चरणों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और चरणबद्ध तरीके से आयोजित की जाएगी। 16 से 35 वर्ष तक के युवा मंगलवार से delhitalenthunt.com पर निःशुल्क पंजीकरण कर सकेंगे। इसी पोर्टल पर कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी और अपडेट्स भी उपलब्ध रहेंगे।
प्रतियोगिता में कुल सात प्रमुख श्रेणियां शामिल की गई हैं। इनमें गायन, नृत्य, फाइन आर्ट एवं डिजिटल आर्ट, मूर्तिकला एवं पॉटरी, संगीत रचना, वाद्य संगीत और अभिनय एवं रंगमंच शामिल हैं। गायन और नृत्य श्रेणियों में शास्त्रीय, लोक और आधुनिक शैलियों को जगह दी गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कार्यक्रम चार चरणों में आयोजित होगा। पहले चरण में ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदनों की स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके बाद दिल्ली की 70 विधानसभा क्षेत्रों से लगभग 24,500 प्रतिभागियों का चयन अगले चरण के लिए होगा।
दूसरे चरण में 35 क्लस्टर स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें प्रत्येक क्लस्टर में दो विधानसभा क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। यहां से कुल 2,450 प्रतिभागियों का चयन होगा। तीसरे चरण में चार जोनल स्तर की प्रतियोगिताएं होंगी। इसके बाद अगस्त में राज्य स्तरीय ग्रैंड फिनाले आयोजित किया जाएगा, जिसमें 28 फाइनलिस्ट भाग लेंगे।
प्रतिभागियों के मूल्यांकन में 25 प्रतिशत वेटेज ऑनलाइन पब्लिक वोटिंग और 75 प्रतिशत वेटेज विशेषज्ञ ज्यूरी के मूल्यांकन का होगा। ज्यूरी में संबंधित क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञ शामिल किए जाएंगे। ग्रैंड फिनाले में बॉलीवुड कलाकारों और अन्य हस्तियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को 2.5 लाख रुपये, दूसरे स्थान पर रहने वाले को 2 लाख रुपये, तीसरे स्थान के लिए 1.5 लाख रुपये और चौथे स्थान के लिए 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इसके अलावा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट, अवॉर्ड, शील्ड और मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हौसलों की उड़ान’ केवल टैलेंट हंट कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का मंच बनेगा। भविष्य में प्रतिभाशाली युवाओं को विभिन्न सामाजिक अभियानों में ब्रांड एंबेसडर के रूप में भी जोड़ा जाएगा।
इस अवसर पर मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली ‘क्रिएटिव कैपिटल’ और ‘यूथ कैपिटल’ के रूप में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को अपनी कला और रचनात्मकता को बड़े मंच पर प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर देगी।