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संस्थागत सहयोग को मजबूत करने के लिए डीयू कुलपति ने की आईसीसीआर प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक

नई दिल्ली : संस्थागत सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व आईसीसीआर की महानिदेशक के. नंदिनी सिंगला ने किया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीयकरण, सांस्कृतिक जुड़ाव और विद्यार्थियों […]

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  • May 21, 2026 2:00 pm IST, Published 1 hour ago

नई दिल्ली : संस्थागत सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व आईसीसीआर की महानिदेशक के. नंदिनी सिंगला ने किया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीयकरण, सांस्कृतिक जुड़ाव और विद्यार्थियों तक पहुँच को बढ़ावा देने के लिए संस्थागत सहयोग को मजबूत करना था।

बैठक के दौरान सामूहिक चर्चा में दोनों संस्थानों ने दिल्ली विश्वविद्यालय में अधिक संख्या में अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों को आकर्षित करने की रणनीतियों पर बात की और विश्वविद्यालय को एक पसंदीदा वैश्विक शैक्षणिक केंद्र के रूप में स्थापित करने के तरीकों पर विचार किया। बैठक में अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के जुड़ाव से संबंधित विभिन्न चुनौतियों और सहयोगात्मक पहलों के माध्यम से उन पर काबू पाने के तरीकों पर भी चर्चा की गई। इस बैठक के दौरान आईसीसीआर प्रतिनिधिमंडल में उप महानिदेशक डॉ. राजेश रंजन, छात्रवृत्ति निदेशक डॉ. संजय वेदी और श्रीमती विनोद रानी कपूर शामिल रहे जबकि दिल्ली विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व कुलपति प्रो. योगेश सिंह के नेतृत्व में रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता, अंतर्राष्ट्रीय संबंध की अध्यक्षा प्रो. नीरा अग्निमित्रा और विदेशी छात्र रजिस्ट्री की डीन प्रो. रूपम कपूर ने किया।

चर्चा के दौरान सांस्कृतिक कूटनीति और छात्रों के कल्याण के महत्व पर भी ज़ोर दिया गया। इस संबंध में, दोनों पक्ष विदेशी छात्रों के लिए योग सत्र शुरू करने पर सहमत हुए; इसके साथ ही भारतीय नृत्य और संगीत के सत्र भी आयोजित किए जाएँगे, जिनका उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और कल्याणकारी परंपराओं से गहराई से परिचित कराना है। इस पहल का उद्देश्य भारत के ऐसे वैश्विक दूत तैयार करना है जो सांस्कृतिक रूप से समृद्ध हों। इस अवसर पर कुलपति ने प्रतिनिधिमंडल को ऐतिहासिक ‘वाइस रीगल लॉज’ का भ्रमण भी कराया। इस दौरान उन्होंने इस प्रतिष्ठित विरासत भवन की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत के बारे में जानकारी साझा की; विदित रहे कि वर्तमान में इसी भवन में विश्वविद्यालय का प्रशासनिक कार्यालय स्थित है।

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