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अक्टूबर 2026 तक शुरू होगा बिजवासन रेलवे टर्मिनल

नई दिल्ली :दिल्ली-एनसीआर के करोड़ों रेल यात्रियों के लिए आने वाले महीनों में यात्रा का अनुभव काफी बदलने वाला है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शुरू हुए बड़े पुनर्विकास कार्य के कारण रेलवे प्रशासन अब राजधानी में “मल्टी-टर्मिनल सिस्टम” विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। इसी योजना का सबसे महत्वपूर्ण […]

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  • May 24, 2026 7:31 am IST, Published 50 minutes ago

नई दिल्ली :दिल्ली-एनसीआर के करोड़ों रेल यात्रियों के लिए आने वाले महीनों में यात्रा का अनुभव काफी बदलने वाला है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शुरू हुए बड़े पुनर्विकास कार्य के कारण रेलवे प्रशासन अब राजधानी में “मल्टी-टर्मिनल सिस्टम” विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। इसी योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है बिजवासन रेलवे टर्मिनल, जिसे अक्टूबर 2026 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह नया टर्मिनल केवल एक अतिरिक्त स्टेशन नहीं होगा, बल्कि भविष्य के आधुनिक ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट और सड़क परिवहन को एक साथ जोड़ा जाएगा।

क्यों जरूरी पड़ा नया टर्मिनल?

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन देश के सबसे व्यस्त स्टेशनों में गिना जाता है। यहां हर दिन लाखों यात्री आते-जाते हैं। प्लेटफॉर्म, पार्किंग, एंट्री गेट और फुटओवर ब्रिज पर अक्सर अत्यधिक भीड़ देखने को मिलती है।

अब स्टेशन का बड़े स्तर पर पुनर्विकास किया जा रहा है, जिसमें:

  • पुराने भवनों का पुनर्निर्माण
  • प्लेटफॉर्मों का आधुनिकीकरण
  • यात्री सुविधाओं का विस्तार
  • भीड़ प्रबंधन प्रणाली में सुधार
  • जैसे कार्य शामिल हैं।

लेकिन निर्माण कार्य के दौरान सभी ट्रेनों का संचालन पहले की तरह जारी रखना संभव नहीं होगा। इसलिए कई ट्रेनों को दूसरे स्टेशनों और नए टर्मिनलों पर शिफ्ट करने की योजना बनाई गई है।

चरणबद्ध तरीके से होगा काम

रेलवे ने पुनर्विकास को तीन चरणों में बांटा है:

पहला चरण

प्लेटफॉर्म 1 से 5 तक कार्य

25 से अधिक ट्रेनों का स्थानांतरण

दूसरा चरण

प्लेटफॉर्म 6 से 10 तक निर्माण

तीसरा चरण

प्लेटफॉर्म 11 से 16 तक काम

इस दौरान यात्रियों को असुविधा कम हो, इसके लिए बिजवासन टर्मिनल को जल्द शुरू करना रेलवे की प्राथमिकता बन गया है।

कैसा होगा बिजवासन रेलवे टर्मिनल?

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह टर्मिनल पारंपरिक रेलवे स्टेशन से काफी अलग होगा।

प्रमुख सुविधाएं

7 आधुनिक प्लेटफॉर्म

एयरपोर्ट जैसी प्रतीक्षालय सुविधा

डिजिटल सूचना प्रणाली

बेहतर सुरक्षा व्यवस्था

स्मार्ट टिकटिंग सिस्टम

विशाल पार्किंग क्षेत्र

भीड़ नियंत्रण के आधुनिक इंतजाम

यहां यात्रियों की आवाजाही को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि स्टेशन परिसर में अव्यवस्था और भीड़ कम हो।

एयरपोर्ट और मेट्रो से शानदार कनेक्टिविटी

बिजवासन टर्मिनल की सबसे बड़ी ताकत उसकी लोकेशन मानी जा रही है।

एयरपोर्ट के बेहद करीब

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा यहां से बहुत नजदीक है। इससे एयर ट्रैवल और रेल यात्रा के बीच कनेक्शन आसान होगा।

मेट्रो कनेक्शन

दिल्ली मेट्रो का द्वारका सेक्टर 21 मेट्रो स्टेशन टर्मिनल से लगभग एक किलोमीटर दूरी पर स्थित है।

इससे:

पश्चिमी दिल्ली

गुरुग्राम

नोएडा

एयरपोर्ट क्षेत्र

के यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी।

सड़क संपर्क भी होगा मजबूत

द्वारका एक्सप्रेसवे और यूईआर (Urban Extension Road) से जुड़ाव के कारण सड़क मार्ग से पहुंच आसान होगी।

इसके अलावा:

प्रस्तावित अंतरराज्यीय बस टर्मिनल

गुरुग्राम कनेक्टिंग रोड

पश्चिमी दिल्ली कॉरिडोर

भी इस परियोजना को महत्वपूर्ण बनाते हैं।

किन ट्रेनों को किया जा सकता है शिफ्ट?

रेलवे की प्रारंभिक योजना के अनुसार कई प्रमुख ट्रेनें नई दिल्ली स्टेशन से हटाकर अन्य टर्मिनलों पर भेजी जा सकती हैं।

स्टेशन

संभावित ट्रेनें

बिजवासन टर्मिनल

आश्रम एक्सप्रेस, जयपुर सुपरफास्ट, कर्नाटक एक्सप्रेस, आंध्र प्रदेश एक्सप्रेस

आनंद विहार टर्मिनल

देहरादून शताब्दी, काठगोदाम शताब्दी

हजरत निजामुद्दीन

भोपाल शताब्दी, ताज एक्सप्रेस

पुरानी दिल्ली

गोवा संपर्क क्रांति

सब्जी मंडी

जम्मू राजधानी

शकूरबस्ती

वैशाली एक्सप्रेस

रेलवे अभी अंतिम सूची तैयार कर रहा है।

दिल्ली रेलवे नेटवर्क में बड़ा बदलाव

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में दिल्ली का रेलवे सिस्टम एयरपोर्ट मॉडल की तरह काम करेगा, जहां अलग-अलग दिशाओं की ट्रेनें अलग-अलग टर्मिनलों से संचालित होंगी।

इससे:

नई दिल्ली स्टेशन पर दबाव घटेगा

यात्रियों को कम भीड़ मिलेगी

यात्रा समय बेहतर होगा

ट्रैफिक जाम कम होगा

एनसीआर का ट्रांसपोर्ट नेटवर्क मजबूत होगा

यात्रियों के लिए क्या बदल जाएगा?

यदि यह योजना तय समय पर पूरी हो जाती है, तो आने वाले वर्षों में दिल्ली से ट्रेन पकड़ने का तरीका काफी बदल जाएगा।

यात्रियों को:

ट्रेन पकड़ने के लिए नई दिल्ली स्टेशन ही नहीं जाना पड़ेगा

एयरपोर्ट-मेट्रो-रेल एक साथ मिलेंगे

भीड़ और लंबी लाइनों से राहत मिलेगी

पश्चिमी दिल्ली और गुरुग्राम के लोगों को बड़ा फायदा होगा

रेलवे के लिए भी यह परियोजना भविष्य की बढ़ती यात्री संख्या को संभालने में मददगार साबित होगी।

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