• होम
  • दिल्ली
  • टॉयलेट फ्लश में क्यों होते हैं 2 बटन? जानिए कौन-सा बटन कब दबाना चाहिए, ज्यादातर लोग करते हैं गलती

टॉयलेट फ्लश में क्यों होते हैं 2 बटन? जानिए कौन-सा बटन कब दबाना चाहिए, ज्यादातर लोग करते हैं गलती

नई दिल्ली: आज के समय में ज्यादातर घरों, होटलों और ऑफिसों के मॉडर्न टॉयलेट में फ्लश के ऊपर दो अलग-अलग बटन दिए जाते हैं। कई लोग इन्हें सिर्फ डिजाइन का हिस्सा समझते हैं, जबकि असल में ये पानी बचाने की एक स्मार्ट तकनीक का हिस्सा होते हैं। दिलचस्प बात यह है कि बड़ी संख्या में […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • May 24, 2026 12:00 pm IST, Published 1 hour ago

नई दिल्ली: आज के समय में ज्यादातर घरों, होटलों और ऑफिसों के मॉडर्न टॉयलेट में फ्लश के ऊपर दो अलग-अलग बटन दिए जाते हैं। कई लोग इन्हें सिर्फ डिजाइन का हिस्सा समझते हैं, जबकि असल में ये पानी बचाने की एक स्मार्ट तकनीक का हिस्सा होते हैं। दिलचस्प बात यह है कि बड़ी संख्या में लोग रोजाना इनका इस्तेमाल तो करते हैं, लेकिन यह नहीं जानते कि कौन-सा बटन किस काम के लिए बनाया गया है।

दरअसल, इस सिस्टम को “ड्यूल फ्लश सिस्टम” कहा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य जरूरत के अनुसार पानी का इस्तेमाल करना और अनावश्यक पानी की बर्बादी रोकना है। दुनिया के कई देशों में पानी की कमी बढ़ने के बाद इस तकनीक को तेजी से अपनाया गया और अब यह लगभग हर आधुनिक टॉयलेट का हिस्सा बन चुकी है।

क्या होता है दोनों बटनों का मतलब?

फ्लश में दिया गया छोटा बटन कम पानी छोड़ता है, जबकि बड़ा बटन ज्यादा पानी छोड़ने के लिए बनाया जाता है। आमतौर पर छोटा बटन करीब 3 से 4 लीटर पानी इस्तेमाल करता है और बड़ा बटन लगभग 6 से 8 लीटर तक पानी बहाता है। हालांकि यह मात्रा अलग-अलग कंपनियों और मॉडल के हिसाब से थोड़ा बदल सकती है।

छोटा बटन कब इस्तेमाल करना चाहिए?

छोटा बटन लिक्विड वेस्ट यानी केवल यूरिन के बाद इस्तेमाल करने के लिए बनाया गया है। इसमें कम पानी की जरूरत होती है, इसलिए छोटा फ्लश पर्याप्त माना जाता है। इससे हर बार जरूरत से ज्यादा पानी बहने से बच जाता है।

बड़ा बटन किस काम आता है?

बड़ा बटन सॉलिड वेस्ट यानी मल त्याग के बाद इस्तेमाल किया जाता है। इसमें ज्यादा पानी निकलता है ताकि टॉयलेट पूरी तरह साफ हो सके और गंदगी जमा न रहे।

गलत इस्तेमाल से कितना पानी होता है बर्बाद?

विशेषज्ञों के अनुसार यदि हर व्यक्ति हर बार बड़ा फ्लश इस्तेमाल करे, तो एक दिन में कई लीटर अतिरिक्त पानी बर्बाद हो सकता है। एक परिवार में रोजाना होने वाली यह बर्बादी महीने और साल में हजारों लीटर तक पहुंच सकती है। यही वजह है कि पानी संरक्षण के लिए ड्यूल फ्लश सिस्टम को काफी प्रभावी माना जाता है।

पर्यावरण को भी होता है फायदा

पानी बचाने का सीधा असर पर्यावरण पर पड़ता है। कम पानी इस्तेमाल होने से जल संसाधनों पर दबाव घटता है। इसके अलावा सीवेज सिस्टम और पानी साफ करने वाले प्लांट्स पर भी कम बोझ पड़ता है। यही कारण है कि कई पर्यावरण विशेषज्ञ लोगों को सही तरीके से फ्लश इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं।

कैसे पहचानें कौन-सा बटन कौन-सा है?

अधिकतर फ्लश में छोटा बटन आकार में छोटा होता है या उस पर आधा गोल निशान बना होता है। वहीं बड़ा बटन पूरा गोल या आकार में बड़ा दिखाई देता है। कुछ कंपनियां इन पर पानी की बूंद या अलग संकेत भी देती हैं ताकि लोग आसानी से पहचान सकें।

छोटी आदत, बड़ा फायदा

विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि लोग सही बटन का इस्तेमाल करने लगें, तो केवल एक घर में ही नहीं बल्कि पूरे शहर में लाखों लीटर पानी बचाया जा सकता है। इसलिए अगली बार टॉयलेट फ्लश इस्तेमाल करते समय यह जरूर ध्यान रखें कि जरूरत के हिसाब से सही बटन दबाएं। छोटी-सी जागरूकता भविष्य में पानी की बड़ी बचत का कारण बन सकती है।

Advertisement