कर्नाटक: एक-दूसरे को बचाने में बह गए 11 लोग

भटकल में सीप इकट्ठा करने गए थे 14 लोग, हाई टाइड और गाद के कारण हुआ दर्दनाक हादसा; मरने वालों में 9 महिलाएं शामिल भटकल (कर्नाटक) : कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के भटकल से रविवार को सामने आए दिल दहला देने वाले नदी हादसे में एक बेहद भावुक और दर्दनाक सच सामने आया है। […]

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  • May 25, 2026 2:56 pm IST, Published 2 hours ago

भटकल में सीप इकट्ठा करने गए थे 14 लोग, हाई टाइड और गाद के कारण हुआ दर्दनाक हादसा; मरने वालों में 9 महिलाएं शामिल

भटकल (कर्नाटक) : कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के भटकल से रविवार को सामने आए दिल दहला देने वाले नदी हादसे में एक बेहद भावुक और दर्दनाक सच सामने आया है। टट्टीहक्कल कालिनट्टी स्ट्रीम (नदी) में डूबे एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत के पीछे की वजह एक-दूसरे को बचाने की वो कोशिश थी, जो अंततः सभी के लिए काल बन गई। इस भयानक हादसे में जान गंवाने वाले 11 लोगों में 9 महिलाएं शामिल हैं, जिससे पूरे शरदाहोले गांव में मातम पसरा हुआ है।

मौसमी काम के लिए गए थे, आ गया ‘हाई टाइड’

पुलिस और स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, शरदाहोले गांव का यह परिवार रविवार दोपहर कालिनट्टी स्ट्रीम में सीपियां (क्लैम्स) इकट्ठा करने गया था। इस तटीय इलाके में सीपियां चुनना एक पारंपरिक और मौसमी काम माना जाता है।

  • शुरुआत में कम था पानी: परिवार के कुल 14 लोग उस जगह पहुंचे थे जहां यह स्ट्रीम सीधे अरब सागर से मिलती है। जब सभी लोग पानी में उतरे, तब बहाव बेहद कम और शांत था।

  • अचानक बदला पानी का मिजाज: जैसे ही महिलाएं और अन्य सदस्य सीपियां ढूंढते हुए थोड़े गहरे पानी की तरफ बढ़े, समुद्र में आए हाई टाइड (ज्वारभाटा) के कारण स्ट्रीम का जलस्तर और बहाव अचानक बेहद तेज हो गया।

 हाथ थामे रहे, लेकिन तैरना न आने की वजह से बह गए

हादसे के वक्त मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस जांच में जो बातें सामने आईं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं:

  1. जाल बन गई नदी की गाद: स्ट्रीम के तल में बहुत ज्यादा गाद (मिट्टी और कीचड़) जमा थी। जैसे ही पानी बढ़ा, लोग घबरा गए और गाद में पैर फंसने के कारण तुरंत पानी से बाहर नहीं आ सके।

  2. नहीं आता था तैरना: दुर्भाग्य से पानी में उतरे इन लोगों को तैरना नहीं आता था। जब एक सदस्य डूबने लगा, तो उसे बचाने के लिए दूसरे ने हाथ बढ़ाया।

  3. एक-दूसरे को बचाने की कोशिश: खुद को तेज बहाव से बचाने और अपनों की जिंदगी सुरक्षित करने के लिए सभी ने एक-दूसरे का हाथ कसकर पकड़ लिया। लेकिन पानी का वेग इतना भयानक था कि वे एक-दूसरे का हाथ पकड़े हुए ही गहराई में समाते चले गए।

 रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा, गांव में पसरा सन्नाटा

हादसे की चीख-पुकार सुनकर दौड़े स्थानीय मछुआरों और रेस्क्यू टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए परिवार के 3 सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन बाकी 11 लोगों को नहीं बचाया जा सका। राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (NDRF) और स्थानीय गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद नदी से सभी 11 शवों को बरामद कर लिया है।

घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा है और सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एक ही घर से 11 अर्थियां उठने की इस खबर ने पूरे कर्नाटक को झकझोर कर रख दिया है।

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