नयी दिल्ली: देश में लगातार बढ़ती महंगाई का असर अब रेलवे यात्रियों की जेब पर भी साफ दिखाई देने लगा है। 1 जून 2026 से Central Railway के स्टेशनों पर खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ने जा रहे हैं। रेलवे प्रशासन ने नई दरों को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद यात्रियों को स्टेशन पर मिलने वाले भोजन और पेय पदार्थों के लिए पहले से अधिक कीमत चुकानी होगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, खाद्य पदार्थों की बढ़ती लागत, रसोई गैस और खाद्य तेलों की कीमतों में लगातार वृद्धि को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। बीते कुछ महीनों में परिवहन और कच्चे माल की लागत बढ़ने से रेलवे स्टॉल संचालकों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए खाने-पीने की वस्तुओं की नई दरें तय की गई हैं।
नई व्यवस्था के तहत सेंट्रल रेलवे के सभी प्रमुख स्टेशनों पर स्टॉल संचालकों को द्विभाषी रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य किया गया है, ताकि यात्रियों को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में कीमतों की स्पष्ट जानकारी मिल सके। रेलवे ने साफ किया है कि किसी भी प्रकार की ओवरचार्जिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके साथ ही यात्रियों को बेहतर गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराने के लिए नियमित निरीक्षण भी किए जाएंगे। रेलवे प्रशासन की टीम समय-समय पर स्टॉलों की जांच करेगी और खाने की गुणवत्ता, साफ-सफाई तथा निर्धारित कीमतों का पालन सुनिश्चित करेगी।
हालांकि, बढ़ी हुई कीमतों को लेकर यात्रियों में नाराजगी भी देखी जा रही है। कई लोगों का कहना है कि पहले से ही यात्रा खर्च बढ़ चुका है और अब स्टेशन पर मिलने वाला खाना भी महंगा हो जाने से आम यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
गर्मी की छुट्टियों और त्योहारों के मौसम में रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या बढ़ने वाली है। ऐसे में नई दरें लागू होने के बाद लाखों यात्रियों की जेब पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।