नयी दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को बड़ा झटका देते हुए गेमिंग पर लगाए गए GST को हटाने से इंकार कर दिया है। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि ऑनलाइन गेमिंग का स्वरूप कई मामलों में जुए और सट्टेबाजी से मिलता-जुलता है, इसलिए इस पर कर लगाने के फैसले को गलत नहीं ठहराया जा सकता।
मामले की सुनवाई के दौरान विभिन्न ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स की ओर से दलील दी गई थी कि कौशल आधारित गेम्स को जुए की श्रेणी में नहीं रखा जाना चाहिए और उन पर भारी GST लागू करना उद्योग के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। हालांकि अदालत ने फिलहाल इस दलील को स्वीकार नहीं किया।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद ऑनलाइन गेमिंग उद्योग में चिंता बढ़ गई है। कंपनियों का कहना है कि ऊंचे टैक्स के कारण कारोबार की लागत बढ़ रही है, जिसका असर निवेश और नए यूजर्स पर पड़ सकता है। वहीं सरकार का पक्ष है कि ऑनलाइन गेमिंग के तेजी से बढ़ते कारोबार को देखते हुए टैक्स व्यवस्था जरूरी है।
अदालत की इस टिप्पणी को सरकार के उस रुख को मजबूती देने वाला माना जा रहा है, जिसमें ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी से जुड़े प्लेटफॉर्म्स पर कड़ी निगरानी और टैक्स लागू करने की बात कही गई थी।
सुप्रीम कोर्ट के इस रुख के बाद ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर के लिए आने वाला समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अब कंपनियों की नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया और सरकार की नीतियों पर बनी हुई है।