नयी दिल्ली: केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्रालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के व्यापक कैडर पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत एजेंसी में अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या में बड़ा इजाफा किया जाएगा।
सरकार का यह निर्णय बढ़ते आर्थिक अपराध, मनी लॉन्ड्रिंग मामलों और जांच के बढ़ते दायरे को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, हाल के वर्षों में ED के पास आने वाले मामलों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिसके चलते अतिरिक्त मानव संसाधन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
नई मंजूरी के अनुसार, उप निदेशक (Deputy Director) के पदों की संख्या 148 से बढ़ाकर 267 कर दी गई है। वहीं सहायक निदेशक (Assistant Director) के पद 255 से बढ़ाकर 531 किए गए हैं।
इसके अलावा प्रवर्तन अधिकारी (Enforcement Officer) के पदों में भी बड़ा विस्तार किया गया है। इन पदों की संख्या 355 से बढ़ाकर 606 कर दी गई है। सहायक प्रवर्तन अधिकारी (Assistant Enforcement Officer) के पद भी 425 से बढ़ाकर 803 किए गए हैं।
माना जा रहा है कि इस पुनर्गठन के बाद ED की जांच क्षमता और फील्ड ऑपरेशन दोनों मजबूत होंगे। इससे एजेंसी को बड़े वित्तीय अपराधों, हवाला नेटवर्क, विदेशी मुद्रा उल्लंघन और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच में अधिक तेजी और दक्षता मिलेगी।
देश में आर्थिक अपराधों की प्रकृति लगातार जटिल होती जा रही है। ऐसे में ED जैसी एजेंसियों के लिए तकनीकी और मानव संसाधन दोनों स्तर पर विस्तार जरूरी हो गया था। सरकार के इस फैसले को उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।