इंजीनियर के लॉकरों में 2 करोड़ कैश मिला

ओडिशा में 5 मल्टीस्टोरी बिल्डिंग समेत 13 प्लॉट; 27 साल पहले ₹6000 सैलरी पर नियुक्ति हुई थी भुवनेश्वर: ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया गया है। कंधमाल जिले के बलिगुड़ा में तैनात असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बैकुंठ नाथ बेहरा के ठिकानों पर जब विजिलेंस विभाग […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • June 7, 2026 4:33 pm IST, Published 2 hours ago

ओडिशा में 5 मल्टीस्टोरी बिल्डिंग समेत 13 प्लॉट; 27 साल पहले ₹6000 सैलरी पर नियुक्ति हुई थी

भुवनेश्वर: ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया गया है। कंधमाल जिले के बलिगुड़ा में तैनात असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बैकुंठ नाथ बेहरा के ठिकानों पर जब विजिलेंस विभाग ने रेड डाली, तो अधिकारी भी दंग रह गए। 1999 में महज 6,000 रुपये महीने की नौकरी से शुरुआत करने वाले इस सरकारी बाबू के पास से आलीशान इमारतें, करोड़ों के प्लॉट और बैंक लॉकरों से भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ है।

🚨 कार्रवाई की बड़ी बातें

🏛️ संपत्तियों का पूरा ब्यौरा

विजिलेंस की जांच में अब तक जो अकूत संपत्ति सामने आई है, उसकी सूची कुछ इस प्रकार है:

संपत्ति का प्रकार लोकेशन / विवरण
4 मंजिला इमारत नीलाद्री विहार, भुवनेश्वर (लगभग 10,500 वर्गफुट)
3 मंजिला भवन सैलश्री विहार, भुवनेश्वर
2 मंजिला मकान (दो) पटिया और चंद्रशेखरपुर, भुवनेश्वर
पैतृक घर (2 मंजिला) धर्मशाला, जाजपुर जिला
कुल कीमती प्लॉट (13) 7 प्लॉट भुवनेश्वर में, 5 जाजपुर में और 1 बारिपदा में

📉 ₹6000 की सैलरी से करोड़ों के साम्राज्य तक का सफर

विजिलेंस की जांच में इंजीनियर बैकुंठ नाथ बेहरा के करियर और आय का जो ग्राफ सामने आया है, वो चौंकाने वाला है:

  • शुरुआत (1999): 16 अगस्त 1999 को जूनियर इंजीनियर के पद पर पहली नियुक्ति हुई। तब शुरुआती वेतन महज ₹6,000 महीना था।

  • पहला प्रमोशन (2016): 31 अक्टूबर 2016 को उन्हें असिस्टेंट इंजीनियर बनाया गया।

  • हालिया पोस्टिंग (2026): इसी साल फरवरी 2026 में उन्हें असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर प्रमोट कर बलिगुड़ा के एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसी (ITDA) में तैनात किया गया। वर्तमान में उनकी सैलरी करीब ₹80,000 महीना थी।

अधिकारियों का बयान: विजिलेंस एसपी सुशांत कुमार बिस्वाल ने बताया कि फिलहाल सोने के गहनों के वजन, बैंक खातों और अन्य निवेशों (Investments) का आकलन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद इस आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामले में आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Advertisement