1600°C पर उबलता 150 टन पिघला लोहा बना काल; क्रेन से ले जाते समय हुआ हादसा।
हादसे के बाद प्लांट में लगी भीषण आग, मलबे और धुएं के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन जारी।
पीएम मोदी और सीएम चंद्रबाबू नायडू ने जताया गहरा दुख; मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक मदद का ऐलान।
आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। यहाँ सरकारी क्षेत्र के राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) यानी विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में सोमवार शाम एक भीषण औद्योगिक दुर्घटना हो गई। प्लांट के स्टील मेल्टिंग शॉप (SMS-1) की कंटीन्यूअस कास्टिंग यूनिट में करीब 150 टन पिघला हुआ लोहा (Molten Steel) ले जा रहा एक बड़ा लैडल (Ladle) अचानक जोरदार धमाके के साथ फट गया।
इस ब्लास्ट के कारण लगभग 1600°C तापमान पर उबलता हुआ तरल लोहा नीचे काम कर रहे कर्मचारियों पर जा गिरा। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गर्म लोहे की चपेट में आने से 8 मजदूरों की मौके पर ही झुलस कर मौत हो गई, जबकि 6 अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें नाजुक हालत में शहर के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
हादसे की मुख्य बातें:
कहाँ हुआ हादसा: राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL), विशाखापट्टनम स्टील प्लांट।
कैसे हुआ ब्लास्ट: लैडल से टुंडिश (Tundish) में पिघला लोहा डालने के लिए स्लाइड गेट खुलने ही वाला था कि अचानक धमाका हो गया और ओवरहेड क्रेन-2 में आग लग गई।
तापमान: पिघले हुए लोहे का तापमान लगभग 1500°C से 1600°C के बीच था।
हताहत: 5 नियमित (Regular) कर्मचारी और 3 कॉन्ट्रैक्ट वर्कर समेत कुल 8 लोगों की मौत; 6 गंभीर रूप से घायल।
हादसे के फौरन बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आसमान में धुएं का गुबार और आग की लपटें उठने लगीं। घटना की सूचना मिलते ही स्टील प्लांट और राज्य सरकार की फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तथा 10 से अधिक एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। करीब 90 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
पीएम और सीएम ने जताया शोक, मुआवजे का ऐलान: इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संवेदनाएं व्यक्त करते हुए ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष’ (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि (Ex-gratia) देने की घोषणा की है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए विशाखापट्टनम के जिला कलेक्टर एम. अभिषिक्त किशोर और पुलिस कमिश्नर से बात की। उन्होंने राज्य की गृह मंत्री वंगालापुडी अनिता को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी करने और घायलों को एयर एंबुलेंस सहित हर संभव बेहतर इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय इस्पात मंत्रालय ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए सेल (SAIL) के बोकारो स्टील प्लांट के डायरेक्टर-इन-चार्ज की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय बाहरी विशेषज्ञ समिति (High-Level External Enquiry Committee) का गठन कर दिया गया है। इसके अलावा RINL प्रबंधन भी अपने स्तर पर तकनीकी खराबी या सुरक्षा मानकों में चूक की आंतरिक जांच कर रहा है। केंद्रीय इस्पात मंत्री भी स्थिति का जायजा लेने और पीड़ित परिवारों से मिलने विशाखापट्टनम पहुंच रहे हैं।