नई दिल्ली: भारतीय खेल जगत से एक बेहद दुखद खबर आ रही है। देश के महान शूटर और दिग्गज कोच जसपाल राणा का शुक्रवार को 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वे दिल्ली के मैक्स साकेत अस्पताल में भर्ती थे। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के अध्यक्ष कालीकेश नारायण सिंह देव ने उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि की है।
जसपाल राणा हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप से वापस भारत लौट रहे थे। 1 जून की रात को फ्लाइट के दौरान अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई और उन्हें असहजता महसूस हुई, जिसके बाद उन्हें तुरंत मेडिकल सहायता दी गई। दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करते ही उन्हें साकेत के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच के बाद उनके दिल में एक स्टेंट भी डाला गया था, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
जसपाल राणा देश के बेहतरीन कोचों में शुमार थे और वे भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के ‘हाई-परफॉर्मेंस कोच’ के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
पेरिस ओलिंपिक की सफलता: उन्होंने पेरिस ओलिंपिक में भारत की स्टार निशानेबाज मनु भाकर को ट्रेनिंग दी, जिन्होंने एक ही ओलिंपिक में दो ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रचा था। मनु अपनी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय हमेशा अपने गुरु जसपाल राणा को ही देती रही हैं।
जूनियर टीम को संवारा: जसपाल राणा लंबे समय तक भारत की जूनियर शूटिंग टीम के भी मुख्य कोच रहे, जहां उन्होंने देश को कई बेहतरीन शूटर दिए।
एक बेहतरीन कोच होने के साथ-साथ जसपाल राणा भारत के सबसे सफल एथलीटों में से एक थे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगे का मान हमेशा ऊंचा रखा:
कॉमनवेल्थ गेम्स: राष्ट्रमंडल खेलों (CWG) के इतिहास में वे भारत के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक हैं, जहां उन्होंने 9 गोल्ड मेडल समेत कुल 15 पदक अपने नाम किए।
एशियन गेम्स: एशियाई खेलों में भी उनका जलवा रहा, जहां उन्होंने देश के लिए 4 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज समेत कुल 8 मेडल जीते।
विश्व रिकॉर्ड: 2006 के दोहा एशियन गेम्स में उन्होंने 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल इवेंट में 590 अंकों के साथ विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की थी।
खेलों में उनके इस अतुलनीय योगदान के लिए भारत सरकार उन्हें अर्जुन अवार्ड और पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों से भी नवाज चुकी थी। जसपाल राणा के अचानक चले जाने से भारतीय खेल और विशेषकर शूटिंग जगत को एक ऐसी क्षति हुई है, जिसकी भरपाई नामुमकिन है।