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विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए देश में नक्सलवाद और धर्मांतरण की फंडिंग

अमेरिकी मिशनरी संगठन पर ED का बड़ा एक्शन, 136 करोड़ की हेराफेरी का खुलासा बेंगलुरु: प्रवर्तन निदेशालय (ED) की शिकायत पर कर्नाटक पुलिस ने देश की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले एक बहुत बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक अमेरिकी ईसाई मिशनरी संगठन ‘द टिमोथी इनिशिएटिव’ (TTI) और बेंगलुरु सहित देश […]

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  • June 15, 2026 9:48 am IST, Published 3 hours ago

अमेरिकी मिशनरी संगठन पर ED का बड़ा एक्शन, 136 करोड़ की हेराफेरी का खुलासा

बेंगलुरु: प्रवर्तन निदेशालय (ED) की शिकायत पर कर्नाटक पुलिस ने देश की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले एक बहुत बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक अमेरिकी ईसाई मिशनरी संगठन ‘द टिमोथी इनिशिएटिव’ (TTI) और बेंगलुरु सहित देश के अलग-अलग हिस्सों के छह लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में आपराधिक मामला दर्ज किया है। इन पर विदेशी डेबिट कार्डों के जरिए करीब 136 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी करने, देश में अवैध धर्मांतरण को बढ़ावा देने और छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों (वामपंथी उग्रवाद) में फंडिंग करने का बेहद गंभीर आरोप है।

कड़े कानून UAPA के तहत FIR दर्ज

ED की शिकायत के आधार पर पुलिस ने यह मामला थानूर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आतंकवाद विरोधी कड़े कानून यूएपीए (UAPA) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की है।

कैसे काम करता था विदेशी डेबिट कार्ड का यह अवैध नेटवर्क?

ED की जांच में वित्तीय नियमों की धज्जियां उड़ाने का एक अनोखा और शातिर तरीका सामने आया है:

  • नियमों का उल्लंघन: ‘द टिमोथी इनिशिएटिव’ ने भारतीय वित्तीय नियमों और विदेशी योगदान (नियमन) अधिनियम (FCRA) से बचने के लिए विदेशी डेबिट कार्ड के एक सीक्रेट नेटवर्क का इस्तेमाल किया।

  • 1,000 से ज्यादा कार्ड बांटे: जांच एजेंसी के अनुसार, पूरे भारत में 1,000 से अधिक विदेशी डेबिट कार्ड बांटे गए थे।

  • एक ही नाम पर कई कार्ड: इनमें से कई कार्ड ‘संतोष कुमार’ नाम के एक व्यक्ति के नाम पर एक्टिव थे और धड़ल्ले से इस्तेमाल किए जा रहे थे।

जांच में करोड़ों के गुप्त ट्रांजैक्शन का खुलासा

जांच एजेंसियों ने इस नेटवर्क के जरिए हुई करोड़ों रुपये की फंडिंग का पूरा लेखा-जोखा निकाला है:

समयावधि (Timeline) अवैध ट्रांजैक्शन की रकम मुख्य उद्देश्य/प्रभावित इलाके
जनवरी 2024 से मार्च 2026 लगभग ₹44 करोड़ अवैध धर्मांतरण और नेटवर्क का विस्तार
नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 लगभग ₹92.5 करोड़ से ₹95 करोड़ छत्तीसगढ़ के बस्तर और धमतरी जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में फंडिंग
कुल हेराफेरी ₹136 करोड़ से अधिक देश के अलग-अलग हिस्सों में अवैध गतिविधियां

बड़ा खतरा: जांच अधिकारियों का मानना है कि इस फंडिंग का मुख्य मकसद छत्तीसगढ़ के बस्तर और धमतरी जैसे वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित इलाकों में अशांति फैलाना और देश के गरीब व पिछड़े इलाकों में पैसों के दम पर अवैध धर्मांतरण को बढ़ावा देना था। फिलहाल जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और बैंक खातों की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं।

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