नई दिल्ली। डिजिटल युग में ऑनलाइन शॉपिंग लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी है। किराना से लेकर फल-सब्जियां और अंडे तक अब कुछ ही मिनटों में घर पहुंच जाते हैं। लेकिन सुविधा के इस बढ़ते चलन के बीच खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। हाल ही में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बिक रहे अंडों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंता जताई है। इसके बाद उपभोक्ताओं के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर ऑनलाइन खरीदे गए अंडे कितने सुरक्षित हैं और उन्हें घर में किस तरह स्टोर किया जाना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंडा एक अत्यंत पौष्टिक और संतुलित आहार है, लेकिन यदि इसके भंडारण और परिवहन में लापरवाही बरती जाए तो यह स्वास्थ्य के लिए जोखिम भी बन सकता है। यही वजह है कि FSSAI ने उपभोक्ताओं को अंडों की खरीदारी और भंडारण को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।
अंडों की गुणवत्ता पर क्यों उठे सवाल?
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से खाद्य सामग्री खरीदने वाले कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की थी कि उन्हें खराब, टूटे हुए या कम गुणवत्ता वाले अंडे प्राप्त हुए। इन शिकायतों के बाद FSSAI ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित कंपनियों से जवाब मांगा। खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अंडों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पूरे सप्लाई चेन में तापमान नियंत्रण बेहद जरूरी होता है। यदि परिवहन या स्टोरेज के दौरान तापमान अधिक हो जाए तो अंडों की ताजगी और पोषण दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
कितने दिन तक सुरक्षित रहते हैं अंडे?
FSSAI के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में 28 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान पर अंडे लगभग 10 से 12 दिनों तक ताजे रह सकते हैं। हालांकि यह अवधि मौसम और भंडारण की स्थिति पर निर्भर करती है। गर्मी और अधिक नमी वाले मौसम में अंडों की शेल्फ लाइफ कम हो जाती है। ऐसे में लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखे गए अंडे जल्दी खराब हो सकते हैं।
फ्रिज में रखना क्यों जरूरी है?
विशेषज्ञ बताते हैं कि अंडों को खरीदने के बाद जल्द से जल्द रेफ्रिजरेटर में रख देना चाहिए। ठंडा तापमान बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकता है और अंडों की गुणवत्ता को लंबे समय तक बनाए रखता है। अंडों को फ्रिज के दरवाजे में रखने के बजाय अंदर की शेल्फ में रखना अधिक सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि वहां तापमान अपेक्षाकृत स्थिर रहता है।
विशेषज्ञों के अनुसार एक आसान परीक्षण से अंडे की ताजगी जांची जा सकती है। एक बर्तन में पानी भरकर उसमें अंडा डालें। यदि अंडा नीचे बैठ जाए तो वह ताजा माना जाता है। यदि वह पानी में तैरने लगे तो उसके पुराने या खराब होने की संभावना होती है। हालांकि यह परीक्षण पूरी तरह अंतिम प्रमाण नहीं है, फिर भी सामान्य तौर पर इसकी मदद से अंडों की ताजगी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
अंडा क्यों कहलाता है सुपरफूड?
पोषण विशेषज्ञ अंडे को ‘नेचर का परफेक्ट फूड’ भी कहते हैं। एक अंडे में लगभग 6 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन पाया जाता है। इसमें शरीर के लिए आवश्यक सभी नौ अमीनो एसिड मौजूद होते हैं, जो मांसपेशियों के विकास और शरीर की मरम्मत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसके अलावा अंडे में विटामिन B-12, विटामिन D, फॉस्फोरस, सेलेनियम, कोलीन और कई शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व मस्तिष्क, हृदय, आंखों और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं। नियमित और संतुलित मात्रा में अंडे का सेवन शरीर को ऊर्जा प्रदान करने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी मदद करता है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को केवल ऑनलाइन सुविधा पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि उत्पाद की गुणवत्ता की भी जांच करनी चाहिए। यदि किसी प्लेटफॉर्म से बार-बार खराब गुणवत्ता के अंडे मिल रहे हों तो इसकी शिकायत संबंधित कंपनी और खाद्य सुरक्षा विभाग से करनी चाहिए। ऑनलाइन खरीदारी ने जीवन को आसान जरूर बनाया है, लेकिन खाद्य पदार्थों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना भी उतना ही आवश्यक है।
अंडे पोषण का खजाना हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सही तापमान, उचित भंडारण और सावधानीपूर्वक खरीदारी बेहद जरूरी है। FSSAI की सलाह का पालन करके उपभोक्ता न केवल ताजे और सुरक्षित अंडों का सेवन कर सकते हैं, बल्कि अपने परिवार को संभावित स्वास्थ्य जोखिमों से भी बचा सकते हैं।