कारगिल। लद्दाख के दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट सेवाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कारगिल में विशेष मोबाइल पासपोर्ट वैन तैनात करने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (RPO) श्रीनगर द्वारा 15 और 16 जून को कारगिल में मोबाइल पासपोर्ट सेवा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे स्थानीय लोगों को पासपोर्ट बनवाने या नवीनीकरण कराने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
जानकारी के अनुसार, यह सेवा पासपोर्ट सेवा प्रोजेक्ट (PSP) के अंतर्गत शुरू की गई है। मोबाइल पासपोर्ट वैन कारगिल के निर्धारित केंद्र पर उपलब्ध रहेगी, जहां नागरिक पासपोर्ट से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाएं पूरी कर सकेंगे। अब तक लोगों को पासपोर्ट संबंधी कार्यों के लिए श्रीनगर या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत आती थी। नई व्यवस्था से यह परेशानी काफी हद तक कम हो जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल पासपोर्ट वैन में वही सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी जो किसी पासपोर्ट सेवा केंद्र में दी जाती हैं। इसमें दस्तावेजों का सत्यापन, बायोमेट्रिक डेटा संग्रह, फोटो खींचना और आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी अन्य औपचारिकताएं शामिल हैं। इससे आवेदकों को एक ही स्थान पर सभी जरूरी सेवाएं मिल सकेंगी।
इस सुविधा का लाभ लेने के इच्छुक लोगों को पहले पासपोर्ट सेवा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद अपॉइंटमेंट बुक करते समय “पासपोर्ट वैन” विकल्प का चयन करना आवश्यक होगा। निर्धारित समय पर आवेदकों को सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ केंद्र पर उपस्थित होना होगा।
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल विशेष रूप से उन लोगों को ध्यान में रखकर शुरू की गई है जो भौगोलिक कठिनाइयों के कारण नियमित पासपोर्ट सेवा केंद्रों तक आसानी से नहीं पहुंच पाते। सरकार का उद्देश्य डिजिटल और मोबाइल सेवाओं के माध्यम से नागरिकों तक सरकारी सुविधाओं की पहुंच को और मजबूत बनाना है।
स्थानीय प्रशासन और नागरिकों ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका मानना है कि मोबाइल पासपोर्ट वैन सेवा से न केवल लोगों का समय और खर्च बचेगा, बल्कि पासपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण सेवा भी अब उनके घर के काफी करीब उपलब्ध हो सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहता है तो भविष्य में देश के अन्य दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों में भी ऐसी सेवाओं का विस्तार किया जा सकता है।
इस पहल को केंद्र सरकार की “सेवा आपके द्वार” की अवधारणा को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है, जो दूरदराज के नागरिकों को सरकारी सेवाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।