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सुप्रीम कोर्ट का उपेंद्र कुशवाहा के बेटे मंत्री दीपक प्रकाश को नोटिस  

बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश के मंत्री पद को लेकर कानूनी और राजनीतिक असमंजस बना हुआ है। मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जहां उनकी नियुक्ति को लेकर याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने बिहार सरकार, चुनाव आयोग और […]

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  • June 16, 2026 1:02 pm IST, Published 2 days ago

बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश के मंत्री पद को लेकर कानूनी और राजनीतिक असमंजस बना हुआ है। मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जहां उनकी नियुक्ति को लेकर याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने बिहार सरकार, चुनाव आयोग और दीपक प्रकाश को नोटिस जारी किया है।

दीपक प्रकाश विधायक या विधान परिषद के सदस्य बने बिना मंत्री पद संभाल रहे हैं। नियमों के अनुसार, मंत्री पद संभालने के छह महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद की सदस्यता लेना आवश्यक होता है। इसी आधार पर उनकी नियुक्ति को चुनौती दी गई है।

यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया गया है और मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने स्वयं इस बारे में दायर याचिका की सुनवाई की, इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें, बिहार सरकार, और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है |इस नोटिस पर अब दीपक प्रकाश की प्रतिक्रिया सामने आई है |

पत्रकारों से बातचीत में दीपक प्रकाश ने कहा कि उन्हें अभी तक सुप्रीम कोर्ट का कोई आधिकारिक नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स से ही उन्हें इस मामले की जानकारी मिली है और जब तक नोटिस औपचारिक रूप से नहीं मिलता, तब तक इस पर विस्तृत टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

उन्होंने आगे कहा कि नोटिस मिलने के बाद कानूनी सलाह ली जाएगी और उसी के अनुसार जवाब दिया जाएगा। मंत्री पद पर बने रहने को लेकर पूछे गए सवाल पर दीपक प्रकाश ने कहा कि यह निर्णय गठबंधन नेतृत्व पर निर्भर करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पार्टी और गठबंधन के हर फैसले का सम्मान करेंगे।

इस पूरे मामले के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर मंत्री पद की संवैधानिक वैधता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट की आगे की कार्रवाई और सरकार के रुख पर टिकी हैं।

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