नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका की जल्द सुनवाई की मांग के दौरान रजिस्ट्री की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने पर मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कड़ा रुख अपनाया। सुनवाई के दौरान एक वकील ने अदालत को बताया कि 8 जून को दायर की गई याचिका अब तक सूचीबद्ध नहीं हुई है और आशंका जताई कि अंतिम स्तर पर कुछ जरूरी फाइलें गायब हो सकती हैं।
इस पर CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट कहा कि यदि रजिस्ट्री द्वारा किसी भी प्रकार की लापरवाही या जरूरी दस्तावेजों के गायब होने की बात सही पाई जाती है, तो इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य न्यायाधीश ने संबंधित एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (AoR) को निर्देश दिया कि वे उसी दिन लिखित शिकायत दें। उन्होंने कहा कि शिकायत उनके चैंबर या निवास पर भी जमा कराई जा सकती है, लेकिन इसमें देरी नहीं होनी चाहिए। वकील ने अदालत को यह भी बताया कि 16 जून को रजिस्ट्री को ईमेल भेजा गया था, जिसका अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।
CJI ने आश्वासन दिया कि शिकायत मिलने के बाद वे स्वयं मामले की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कोर्ट स्टाफ को डायरी नंबर लेकर तत्काल जांच शुरू करने के निर्देश भी दिए। सुप्रीम कोर्ट में इस टिप्पणी के बाद रजिस्ट्री से जुड़े मुद्दे पर हलचल तेज हो गई और न्यायिक प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा शुरू हो गई।