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भ्रामक विज्ञापनों पर सरकार का बड़ा एक्शन

 ‘100% नेचुरल’ और ‘100% आटा ब्रेड’ का झूठा दावा करने वाली दो कंपनियों पर लगा जुर्माना नई दिल्ली: क्या कोई कंपनी अपने प्रोडक्ट पर ‘100% नेचुरल’, ‘100% जूस’, या ‘100% आटा ब्रेड’ लिख सकती है, जबकि उसमें पानी, प्रिजर्वेटिव्स (सुरक्षित रखने वाले केमिकल) या सिर्फ 87% गेहूं का आटा मिला हो? देश की केंद्रीय उपभोक्ता […]

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  • June 22, 2026 8:55 am IST, Published 2 hours ago

 ‘100% नेचुरल’ और ‘100% आटा ब्रेड’ का झूठा दावा करने वाली दो कंपनियों पर लगा जुर्माना

नई दिल्ली: क्या कोई कंपनी अपने प्रोडक्ट पर ‘100% नेचुरल’, ‘100% जूस’, या ‘100% आटा ब्रेड’ लिख सकती है, जबकि उसमें पानी, प्रिजर्वेटिव्स (सुरक्षित रखने वाले केमिकल) या सिर्फ 87% गेहूं का आटा मिला हो? देश की केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने साफ कर दिया है कि ऐसा बिल्कुल नहीं किया जा सकता। ग्राहकों को गुमराह करने वाले विज्ञापनों पर सख्त रुख अपनाते हुए CCPA ने दो बड़ी खाद्य कंपनियों—स्टोरिया फूड्स (Storia Foods) और बेक्टर्स फूड स्पेशलिटीज (Mrs. Bectors Food – English Oven) पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

इसके साथ ही, रेगुलेटर ने दोनों कंपनियों को तुरंत अपने पैकेट, वेबसाइट और सभी डिजिटल व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से इन झूठे दावों को हटाने का सख्त आदेश दिया है।

जानिए कंपनियों ने ग्राहकों से क्या झूठ बोला?

मुख्य आयुक्त निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्रा की अगुवाई में हुई CCPA की जांच में दोनों कंपनियों के बड़े झूठ पकड़े गए:

  1. स्टोरिया फूड्स (Storia Foods): कंपनी अपने पैकेट पर दावा कर रही थी कि वह ‘100% नेचुरल टेंडर कोकोनट वाटर’ (नारियल पानी) और ‘100% जूस’ बेच रही है। लेकिन जांच में सामने आया कि यह पूरी तरह नेचुरल नहीं था। इसमें नारियल पानी के कॉन्संट्रेट (Concentrate) में अलग से पानी मिलाया गया था और इसे लंबे समय तक ठीक रखने के लिए ‘क्लास II प्रिजर्वेटिव’ (INS 202) केमिकल का इस्तेमाल किया गया था।

  2. इंग्लिश ओवन (English Oven – बेक्टर्स फूड): यह कंपनी अपनी ब्रेड को ‘100% होल व्हीट आटा ब्रेड’ और ‘जीरो मैदा’ टैगलाइन के साथ बेच रही थी। लेकिन लैब टेस्ट और खुद कंपनी की स्वीकारोक्ति में सामने आया कि ब्रेड में सिर्फ 87% ही गेहूं का आटा था, बाकी हिस्सा कुछ और था।

CCPA की सख्त टिप्पणी: ‘100% कोई मार्केटिंग का नारा नहीं है’

मामले की सुनवाई के दौरान उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने विज्ञापनों और पैकेजिंग को लेकर बेहद कड़े और स्पष्ट नियम दोहराए:

अंतिम निर्णय: “100% शब्द एक बिल्कुल सटीक, निश्चित और गणितीय नंबर (Absolute Numerical Expression) है। कंपनियां इसका इस्तेमाल सिर्फ ग्राहकों को आकर्षित करने या मार्केटिंग की टैगलाइन के रूप में लापरवाही से नहीं कर सकतीं। अगर कोई कंपनी दावा करती है कि प्रोडक्ट 100% शुद्ध है, तो उसमें 1% भी किसी दूसरी चीज (जैसे पानी, प्रिजर्वेटिव या कॉन्संट्रेट) की मिलावट नहीं होनी चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो इसे ग्राहकों के अधिकारों का हनन और भ्रामक विज्ञापन माना जाएगा।”

सरकार की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि कमर्शियल मुनाफे के लिए ग्राहकों को गुमराह करने वाले ‘अतिशयोक्तिपूर्ण दावों’ को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कंपनियों को अपने प्रोडक्ट्स की वास्तविक सामग्री (Composition) को पूरी ईमानदारी से पैकेट पर लिखना होगा।

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