रायपुर: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रविवार को छत्तीसगढ़ के एक दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचे। वे कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत अभनपुर में आयोजित 10 दिवसीय प्रांतीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नवनियुक्त जिलाध्यक्षों को कड़ा संदेश देते हुए गुटबाजी से पूरी तरह दूर रहने की नसीहत दी। बैठक में प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
प्रशिक्षण शिविर में मौजूद जिलाध्यक्षों के अनुसार, राहुल गांधी ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए मूल मंत्र दिए। उन्होंने कहा:
जिलों के सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की बातों को हमेशा ध्यानपूर्वक और संवेदनशीलता के साथ सुनें।
लेकिन, जब भी कोई अंतिम निर्णय लेना हो, तो किसी गुट या व्यक्ति विशेष के बजाय पार्टी के हित और संगठन की मजबूती को ही प्राथमिकता दें।
ऐसा कोई भी कार्य या बयानबाजी नहीं होनी चाहिए, जिससे पार्टी की छवि को जरा भी नुकसान पहुंचे।
अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी: राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी नेता या कार्यकर्ता पार्टी की तय नीतियों के विपरीत जाकर कार्य करता है, तो जिलाध्यक्ष उसकी जानकारी तुरंत प्रदेश नेतृत्व (PCC) को दें और उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।
बैठक में यह साफ किया गया कि आगामी चुनावों को देखते हुए संगठनात्मक और राजनीतिक फैसलों में जिलाध्यक्षों की राय को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाएगा।
इसी बीच, प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने भी कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जब-जब छत्तीसगढ़ में लोगों की जमीन छीनी जाएगी या बिना संवेदनशीलता के पेड़ काटे जाएंगे, तब-तब वे छत्तीसगढ़ आएंगे। अगर जरूरत पड़ी तो 10 बार भी आएंगे, लेकिन जनता की आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।”
राहुल गांधी के रायपुर दौरे पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीखा तंज कसा है। सीएम साय ने मीडिया से बात करते हुए कहा:
“यह उनकी पार्टी का अंदरूनी काम है, राजनीति में लोग आते-जाते रहते हैं। लेकिन सच्चाई यह भी है कि राहुल गांधी जहां-जहां जाते हैं, वहां उनकी पार्टी का क्या हश्र होता है, यह पूरा देश अच्छी तरह से जानता है।”