लखनऊ: अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में प्राप्त चढ़ावे के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि मामले में ऐसी कोई असाधारण तात्कालिकता नहीं दिखती, जिसके आधार पर इसे अन्य लंबित मामलों से पहले सुना जाए।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से मामले को प्राथमिकता के आधार पर सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया गया था। हालांकि, अदालत ने यह कहते हुए अनुरोध स्वीकार नहीं किया कि न्यायालय के समक्ष पहले से बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।
याचिका में मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई राशि के प्रबंधन में कथित वित्तीय अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने और लेखा परीक्षण की मांग की गई है। साथ ही मंदिर निधि के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात भी उठाई गई है।
खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि उसने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। फिलहाल याचिका अपने निर्धारित क्रम के अनुसार सुनवाई के लिए सूचीबद्ध रहेगी। मामले को लेकर आगे की कार्रवाई न्यायालय की नियमित प्रक्रिया के तहत होगी।