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बिना बिल का मोबाइल खरीदना पड़ सकता है भारी, खरीदने से पहले IMEI जरूर करें चेक

मोबाइल फोन आज हर व्यक्ति की जरूरत बन चुका है। ऐसे में कई लोग सस्ते दाम के लालच में सेकेंड हैंड या बिना बिल वाले मोबाइल खरीद लेते हैं। लेकिन यह छोटी सी लापरवाही भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। चोरी, गुम या अवैध रूप से बेचे जा रहे मोबाइल फोन की […]

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  • June 23, 2026 9:00 pm IST, Published 3 hours ago

मोबाइल फोन आज हर व्यक्ति की जरूरत बन चुका है। ऐसे में कई लोग सस्ते दाम के लालच में सेकेंड हैंड या बिना बिल वाले मोबाइल खरीद लेते हैं। लेकिन यह छोटी सी लापरवाही भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। चोरी, गुम या अवैध रूप से बेचे जा रहे मोबाइल फोन की खरीद-फरोख्त न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है, बल्कि कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है।

पुलिस और दूरसंचार विभाग समय-समय पर लोगों को जागरूक करते हैं कि किसी भी मोबाइल फोन को खरीदने से पहले उसका IMEI नंबर अवश्य जांच लें। IMEI (इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी) एक 15 अंकों का यूनिक नंबर होता है, जो हर मोबाइल की पहचान करता है। इसी नंबर के माध्यम से यह पता लगाया जा सकता है कि मोबाइल असली है, चोरी का है या पहले से किसी अन्य नेटवर्क पर ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है।

विशेषज्ञों के अनुसार मोबाइल का IMEI नंबर जानने के लिए फोन में *#06# डायल करना होता है। इसके बाद स्क्रीन पर 15 अंकों का IMEI नंबर दिखाई देता है।

मोबाइल खरीदने से पहले उपभोक्ता “Know Your Mobile (KYM)” सुविधा का उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए अपने मोबाइल से KYM टाइप कर 14422 पर SMS भेजना होता है। इसके अलावा संचार साथी (Sanchar Saathi) और CEIR पोर्टल पर भी IMEI सत्यापन की सुविधा उपलब्ध है। सत्यापन के बाद मोबाइल के ब्रांड, मॉडल और उसकी वैधता से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

यदि जांच के दौरान मोबाइल का स्टेटस Blacklisted, Duplicate या Already in Use दिखाई देता है, तो ऐसे मोबाइल को खरीदने से बचना चाहिए। यह संकेत हो सकता है कि मोबाइल चोरी का है, गुम होने के बाद ब्लॉक किया गया है या उसमें तकनीकी गड़बड़ी है। ऐसे फोन खरीदने पर खरीदार भी जांच के दायरे में आ सकता है।

दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित CEIR(Central Equipment Identity Register) प्रणाली का उद्देश्य चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन पर रोक लगाना है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से मोबाइल को ब्लॉक, ट्रैक और रिकवर करने में सहायता मिलती है। देश के विभिन्न राज्यों में पुलिस ने CEIR की मदद से हजारों गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल खरीदते समय हमेशा विक्रेता से बिल और वैध दस्तावेज मांगने चाहिए। बिना बिल वाले मोबाइल की कीमत भले ही कम हो, लेकिन बाद में कानूनी और आर्थिक जोखिम काफी बढ़ जाता है। यदि मोबाइल चोरी का निकला तो उसे जब्त भी किया जा सकता है।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क उपभोक्ता बनें, चोरी या गुम मोबाइल की खरीद-फरोख्त से बचें और मोबाइल खरीदने से पहले उसकी पूरी जांच अवश्य करें। एक छोटी सी सावधानी आपको बड़ी परेशानी से बचा सकती है।

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