नई दिल्ली/खरखौदा: भारत और जापान के आर्थिक रिश्तों को नई मजबूती देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने इंडिया-जापान जॉइंट इकोनॉमिक फोरम के दौरान हरियाणा के खरखौदा में मारुति सुजुकी की चौथी कार निर्माण फैक्ट्री का उद्घाटन किया। इस परियोजना को भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
खरखौदा में स्थापित यह अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई देश में बढ़ती ऑटोमोबाइल मांग को पूरा करने के साथ-साथ भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी। फैक्ट्री के शुरू होने से उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी और हजारों प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।
इंडिया-जापान जॉइंट इकोनॉमिक फोरम के दौरान दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग, निवेश, आधुनिक तकनीक और औद्योगिक विकास को नई गति देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और जापान की साझेदारी केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तकनीकी नवाचार, हरित ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत विनिर्माण जैसे भविष्य के क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रही है।
मारुति सुजुकी लंबे समय से भारत के ऑटोमोबाइल उद्योग की अग्रणी कंपनियों में शामिल रही है। खरखौदा की नई यूनिट के शुरू होने से कंपनी की उत्पादन क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक ताकत बढ़ेगी, जिससे घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात को भी नई गति मिलने की संभावना है।
यह उद्घाटन केवल एक नई फैक्ट्री की शुरुआत नहीं, बल्कि भारत-जापान रणनीतिक आर्थिक साझेदारी का नया अध्याय है। इससे हरियाणा में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी और भारत वैश्विक ऑटोमोबाइल विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकेगा।