महंगाई का नया झटका-टमाटर फिर दिखा रहा तेवर

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में लगातार बदलते मौसम और भारी बारिश का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है। दिल्ली-एनसीआर समेत कई शहरों में टमाटर की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि […]

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  • July 15, 2026 10:47 am IST, Published 53 minutes ago

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में लगातार बदलते मौसम और भारी बारिश का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है। दिल्ली-एनसीआर समेत कई शहरों में टमाटर की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि प्रमुख उत्पादक राज्यों से आवक लगातार प्रभावित हो रही है।

आढ़तियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में टमाटर की थोक कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। करीब दस दिन पहले जो टमाटर 20 से 30 रुपये प्रति किलो के थोक भाव पर बिक रहा था, अब उसकी कीमत 30 से 40 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। खुदरा बाजार में भी इसका असर दिखाई देने लगा है और उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।

व्यापारियों का कहना है कि हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में लगातार बारिश और कई स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति के कारण फसल और आपूर्ति दोनों प्रभावित हुई हैं। इन राज्यों से देश के विभिन्न हिस्सों में बड़ी मात्रा में टमाटर भेजे जाते हैं। खराब मौसम के चलते परिवहन और कटाई दोनों प्रभावित होने से मंडियों में आवक सामान्य से कम हो गई है।

आजादपुर मंडी के कारोबारियों के मुताबिक इस समय देशी टमाटर की सबसे अधिक आपूर्ति हिमाचल प्रदेश और बेंगलुरु क्षेत्र से हो रही है, जबकि हाइब्रिड टमाटर मुख्य रूप से कर्नाटक और महाराष्ट्र से आते हैं। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो उत्पादन और आपूर्ति पर और असर पड़ सकता है, जिससे कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना है।

व्यापारियों का यह भी कहना है कि मध्य प्रदेश में मौसम के कारण नई फसल आने में देरी हो रही है। यदि वहां मौसम सामान्य रहा और फसल समय पर बाजार में पहुंची, तो कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन यदि लगातार बारिश या बाढ़ जैसी स्थिति बनी, तो टमाटर की उपलब्धता और प्रभावित हो सकती है।

आजादपुर मंडी में रोजाना बड़ी और छोटी मालवाहक गाड़ियों के माध्यम से टमाटर की खेप पहुंच रही है, लेकिन यह मात्रा सामान्य दिनों की तुलना में कम बताई जा रही है। इसी वजह से मांग और आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर कीमतों पर दिखाई दे रहा है।

मानसून के दौरान सब्जियों की कीमतों में उतार-चढ़ाव सामान्य बात है, लेकिन यदि मौसम लंबे समय तक प्रतिकूल बना रहता है तो इसका असर उपभोक्ताओं के बजट पर और अधिक पड़ सकता है। फिलहाल बाजार की नजर आगामी दिनों में मौसम और प्रमुख उत्पादक राज्यों से होने वाली आपूर्ति पर टिकी हुई है। यदि मौसम में जल्द सुधार नहीं हुआ तो टमाटर की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है, जिससे घरेलू रसोई का बजट प्रभावित होना तय माना जा रहा है।

 

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