नई दिल्ली: एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) की ओर से देश के बड़े हवाई अड्डों पर घरेलू उड़ानों के लिए लैंडिंग और पार्किंग चार्ज (Landing and Parking Charges) में दी जा रही 25 प्रतिशत की छूट को आगे बढ़ाने की कोई संभावना नहीं है। इसके साथ ही तीन महीने की यह राहत अवधि अब समाप्त हो गई है।
पश्चिम एशिया (Middle East) में उपजे संकट और उसके कारण एयरलाइनों के सामने आ रही वित्तीय चुनौतियों को देखते हुए, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के निर्देश पर 7 अप्रैल को सभी घरेलू उड़ानों के लिए तीन महीने की इस विशेष छूट का ऐलान किया गया था।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हवाई अड्डा संचालकों (Airport Operators) को कम लैंडिंग और पार्किंग चार्ज की व्यवस्था को आगे बढ़ाने के संबंध में सरकार या नियामक की तरफ से कोई नया आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। हालांकि, इस पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इससे पहले पिछले महीने ‘प्राइवेट एयरपोर्ट्स एसोसिएशन’ (APAO) ने मंत्रालय से आग्रह किया था कि तीन महीने की तय अवधि पूरी होने के बाद इस रियायत को बंद कर दिया जाए। साथ ही, हवाई अड्डा संचालकों को एयरलाइनों से पूरा शुल्क ( छूट के दौरान माफ किया गया हिस्सा) वसूलने की दोबारा अनुमति देने की मांग की गई थी।
इस फैसले के बाद अब एयरलाइन कंपनियों की परिचालन लागत (Operating Cost) एक बार फिर बढ़ सकती है, जिसका असर संभवतः घरेलू हवाई किराए पर भी देखने को मिल सकता है।