सीतामढ़ी। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में सीतामढ़ी जिले के बैरगनिया प्रखंड के एक भाई-बहन ने शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। नगर परिषद बैरगनिया के सभापति सिंधु गुप्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता ब्रजमोहन कुमार के पुत्र राहुलेंद्र कुमार और पुत्री सुष्मिता कुमारी ने एक साथ बीपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त कर नई मिसाल कायम की है। राहुलेंद्र कुमार का चयन अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) के पद पर हुआ है, जबकि उनकी बहन सुष्मिता कुमारी वेलफेयर ऑफिसर के पद के लिए चयनित हुई हैं।
दोनों भाई-बहन की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा सीतामढ़ी जिला गौरवान्वित महसूस कर रहा है। सफलता की खबर सामने आते ही परिजनों, रिश्तेदारों, मित्रों, शिक्षकों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाइयों का तांता लगा दिया। सोशल मीडिया पर भी दोनों की उपलब्धि की जमकर चर्चा हो रही है और लोग इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बता रहे हैं।
जानकारी के अनुसार राहुलेंद्र और सुष्मिता ने अपनी प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा बैरगनिया के राजकीयकृत उच्च माध्यमिक विद्यालय से प्राप्त की। स्कूली शिक्षा के दौरान ही दोनों ने अपनी प्रतिभा और लगन का परिचय देना शुरू कर दिया था। शिक्षकों के अनुसार दोनों विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में भी सक्रिय रहते थे और हमेशा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का प्रयास करते थे।
इंटरमीडिएट की शिक्षा दोनों ने पीटी डीएम कॉलेज, बैरगनिया से पूरी की। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय का रुख किया, जहां से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। दिल्ली में अध्ययन के दौरान दोनों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर विशेष ध्यान दिया और प्रशासनिक सेवाओं में जाने का लक्ष्य निर्धारित किया। लगातार मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बल पर उन्होंने बीपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त की।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि राहुलेंद्र और सुष्मिता बचपन से ही मेहनती और लक्ष्य के प्रति गंभीर रहे हैं। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को जीवित रखा और कभी हार नहीं मानी। माता-पिता ने हमेशा उन्हें शिक्षा के महत्व को समझाया और हर कदम पर उनका उत्साहवर्धन किया। इसी का परिणाम है कि आज दोनों भाई-बहन एक साथ सरकारी सेवा के महत्वपूर्ण पदों पर चयनित हुए हैं।
क्षेत्र के शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस उपलब्धि की सराहना की है। उनका मानना है कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए यह सफलता एक प्रेरणा है। यदि सही दिशा, मेहनत और आत्मविश्वास हो तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। राहुलेंद्र और सुष्मिता की कहानी इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं होती।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी दोनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी सफलता से पूरे क्षेत्र का मान बढ़ा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों अधिकारी अपने-अपने पदों पर रहते हुए समाज और प्रशासन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विशेष रूप से युवाओं के बीच उनकी सफलता एक सकारात्मक संदेश देगी और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरित करेगी।
राहुलेंद्र कुमार और सुष्मिता कुमारी की उपलब्धि आज पूरे सीतामढ़ी जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है। भाई-बहन की यह सफलता साबित करती है कि कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और परिवार के सहयोग से किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी और क्षेत्र के युवाओं को अपने सपनों को साकार करने का हौसला देती रहेगी।