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रेलवे की 25 हजार वोल्ट तार चोरी, 3 घंटे ठप रहा रेल ट्रैक

जहानाबाद। बिहार के पटना-गया रेलखंड पर गुरुवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई जिसने भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। जहानाबाद जिले के ऊंटा-मटौरपुर रेलवे स्टेशन के बीच अज्ञात चोरों ने रेलवे की लगभग 35 मीटर लंबी 25 हजार वोल्ट क्षमता वाली ओवरहेड हाईटेंशन (OHE) बिजली की तार काटकर चोरी […]

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  • July 10, 2026 6:30 pm IST, Published 1 hour ago

जहानाबाद। बिहार के पटना-गया रेलखंड पर गुरुवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई जिसने भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। जहानाबाद जिले के ऊंटा-मटौरपुर रेलवे स्टेशन के बीच अज्ञात चोरों ने रेलवे की लगभग 35 मीटर लंबी 25 हजार वोल्ट क्षमता वाली ओवरहेड हाईटेंशन (OHE) बिजली की तार काटकर चोरी कर ली। इस घटना के कारण रेल यातायात करीब तीन घंटे तक पूरी तरह बाधित रहा और कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, घटना की जानकारी मिलते ही परिचालन विभाग, आरपीएफ, जीआरपी और इंजीनियरिंग टीम मौके पर पहुंची। क्षतिग्रस्त ओवरहेड लाइन की मरम्मत के बाद रेल यातायात को धीरे-धीरे सामान्य किया गया। हालांकि इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील रेल मार्गों पर निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

सुबह निरीक्षण के दौरान हुआ खुलासा

जानकारी के अनुसार, रेलवे कर्मचारियों ने नियमित निरीक्षण के दौरान देखा कि डाउन लाइन की ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन का एक हिस्सा गायब है। करीब 35 मीटर लंबी हाईटेंशन तार को काटकर ले जाया गया था। तत्काल कंट्रोल रूम को सूचना दी गई, जिसके बाद संबंधित सेक्शन में ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई ताकि किसी भी बड़े हादसे से बचा जा सके।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते यह चोरी पकड़ में नहीं आती तो तेज गति से गुजरने वाली ट्रेनों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता था।

कई ट्रेनों पर पड़ा असर

ओवरहेड लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण पटना-गया रेलखंड पर चलने वाली कई यात्री और एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। कुछ ट्रेनों को बीच रास्ते रोका गया, जबकि कुछ को निर्धारित समय से देरी से रवाना किया गया। यात्रियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

करीब तीन घंटे तक रेलवे इंजीनियरिंग टीम ने युद्धस्तर पर काम करते हुए नई तार लगाई और बिजली आपूर्ति बहाल की। इसके बाद ट्रेनों का संचालन चरणबद्ध तरीके से शुरू किया गया।

रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

रेलवे की ओवरहेड बिजली लाइन बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण संरचना मानी जाती है। इसमें 25 हजार वोल्ट का हाई वोल्टेज करंट प्रवाहित होता है। ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में तार काटकर चोरी कर लेना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की चोरी केवल आर्थिक नुकसान ही नहीं पहुंचाती बल्कि इससे हजारों यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। यदि क्षतिग्रस्त लाइन की जानकारी समय पर न मिले तो गंभीर रेल दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।

जांच में जुटी आरपीएफ और जीआरपी

घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है। आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा स्थानीय लोगों से पूछताछ भी की जा रही है ताकि चोरी में शामिल आरोपियों की पहचान की जा सके।

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं में अक्सर संगठित कबाड़ी गिरोह सक्रिय रहते हैं, जो तांबे और अन्य धातुओं की तारों को काटकर अवैध बाजार में बेच देते हैं।

करोड़ों की परियोजनाओं पर असर

भारतीय रेलवे लगातार रेलवे लाइनों के आधुनिकीकरण और विद्युतीकरण पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। ऐसे में इस तरह की चोरी न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाती है बल्कि विकास कार्यों और रेल परिचालन को भी प्रभावित करती है।

रेलवे का कहना है कि ओवरहेड वायर जैसी महत्वपूर्ण सामग्री की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त निगरानी और गश्त बढ़ाई जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन निगरानी और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी विचार किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील

रेलवे प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि यदि रेलवे लाइन के आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत रेलवे हेल्पलाइन, आरपीएफ या स्थानीय पुलिस को सूचित करें। लोगों की सतर्कता से इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में पहले भी ओवरहेड वायर और रेलवे के अन्य उपकरणों की चोरी की घटनाएं सामने आती रही हैं। हालांकि प्रत्येक घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाता है, लेकिन अपराधी नए तरीके अपनाकर वारदात को अंजाम देने की कोशिश करते हैं।

जहानाबाद के ऊंटा-मटौरपुर के पास हुई ओवरहेड हाईटेंशन तार चोरी की घटना ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर कर दिया है। करीब तीन घंटे तक रेल यातायात बाधित रहने से यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। फिलहाल रेलवे ने लाइन की मरम्मत कर परिचालन सामान्य कर दिया है, जबकि आरपीएफ और जीआरपी आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। उम्मीद की जा रही है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए और कड़े सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।

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