कोलकाता, गुरुवार: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान के दौरान कुछ इलाकों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में तकनीकी खराबी की वजह से मतदान प्रक्रिया आंशिक रूप से प्रभावित हुई। हालांकि, निर्वाचन आयोग और स्थानीय प्रशासन की तत्परता के चलते अधिकांश स्थानों पर स्थिति को जल्द ही सामान्य कर लिया गया और मतदान प्रक्रिया सुचारु रूप से जारी है।
चुनाव के इस महत्वपूर्ण चरण में राज्य के विभिन्न जिलों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान कराया जा रहा है। बावजूद इसके, कुछ संवेदनशील क्षेत्रों से ईवीएम में गड़बड़ी और हल्के तनाव की खबरें सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार, मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा विधानसभा क्षेत्र में पारसालिका मदनमोहन प्राथमिक विद्यालय स्थित बूथ संख्या 156 पर ईवीएम में खराबी दर्ज की गई, जिसके चलते मतदान को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही तकनीकी टीम को मौके पर भेजा गया, जिसने मशीन की जांच कर उसे ठीक किया। इसके बाद मतदान दोबारा शुरू कराया गया। चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस तरह की तकनीकी समस्याओं को तत्काल प्राथमिकता के आधार पर हल किया जा रहा है ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में बड़ी संख्या में मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। सुबह से ही कई मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं, जिससे स्पष्ट है कि लोगों में लोकतंत्र के प्रति जागरूकता और उत्साह बना हुआ है। चुनाव आयोग ने भी पहले ही पर्याप्त संख्या में रिजर्व ईवीएम और तकनीकी टीमों की तैनाती की थी, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

हालांकि, कुछ स्थानों से छिटपुट तनाव और हल्की हिंसा की खबरें भी सामने आई हैं, लेकिन प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सुरक्षा बल लगातार निगरानी कर रहे हैं और मतदान केंद्रों पर शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि राज्य के अधिकांश हिस्सों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है और तकनीकी खामियों को तेजी से दूर किया जा रहा है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का पहला चरण कुछ तकनीकी चुनौतियों के बावजूद सुचारु रूप से आगे बढ़ रहा है। प्रशासन और चुनाव आयोग की सतर्कता से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर मतदाता बिना किसी बाधा के अपने वोट का इस्तेमाल कर सके।