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स्मृति ईरानी का पहला रायपुर दौरा, संगठनात्मक बैठकों से बनेगी चुनावी रणनीति

इंटरनेट मीडिया के माध्यम से सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों और जनहित से जुड़ी पहलों की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। भाजपा का आईटी सेल भी नेताओं और पदाधिकारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखेगा। बताया जा रहा है कि उनके आधिकारिक हैंडल पर...

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  • October 25, 2026 1:30 pm IST, Published 1 hour ago

रायपुर:  भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री और छत्तीसगढ़ की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी दो दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंच गई हैं। प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी संभालने के बाद यह उनका छत्तीसगढ़ का पहला दौरा है। उनके साथ भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री एवं सह-प्रभारी सिद्धार्थ शम्भू भी राजधानी पहुंचे हैं। दोनों नेताओं के आगमन के बाद प्रदेश भाजपा में संगठन को मजबूत करने, नेताओं के बीच समन्वय बढ़ाने और आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर बैठकों का दौर शुरू होने जा रहा है।
भाजपा के इस दौरे को आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के साथ पार्टी के मिशन 2028-29 की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन बैठकों में संगठन की मौजूदा स्थिति, सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार और पार्टी पदाधिकारियों की सक्रियता जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। पार्टी नेतृत्व का जोर संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने और केंद्र तथा राज्य सरकार की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने पर रहेगा।

दौरे के पहले दिन कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुनने के साथ हुई । इसके बाद प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री, प्रदेश महामंत्री, संभागीय प्रभारी और जिला स्तर के प्रमुख पदाधिकारी शामिल होंगे। संगठन की कार्यप्रणाली की समीक्षा के साथ आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, स्मृति ईरानी ने दौरे से पहले नेताओं और पदाधिकारियों को सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत प्रचार के बजाय केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता देने का संदेश दिया है।

पार्टी चाहती है कि इंटरनेट मीडिया के माध्यम से सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों और जनहित से जुड़ी पहलों की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। भाजपा का आईटी सेल भी नेताओं और पदाधिकारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखेगा। बताया जा रहा है कि उनके आधिकारिक हैंडल पर साझा की जाने वाली सामग्री और सक्रियता के आधार पर रिपोर्ट तैयार करने की योजना है।  इस व्यवस्था के जरिए डिजिटल माध्यमों पर पार्टी की मौजूदगी और प्रचार गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। इसे आगामी चुनावों से पहले संगठन की तैयारियों का हिस्सा माना जा रहा है।

पहले दिन दोपहर बाद पूर्व विधायकों और सांसदों के साथ भी चर्चा,इसके बाद पूर्व प्रदेश पदाधिकारियों से संवाद किया जाएगा। दिन के अंत में शाम 7 बजे से रात 8:30 बजे तक भाजपा कोर ग्रुप की बैठक आयोजित होगी। इन बैठकों में पुराने और वर्तमान संगठनात्मक अनुभवों के आधार पर पार्टी की आगे की रणनीति पर विचार किया जा सकता है। दौरे के दूसरे दिन सोमवार को राज्य के भाजपा विधायकों के साथ बैठक होगी। इसके बाद पार्टी सांसदों और राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों से चर्चा की जाएगी। बैठकों में सरकार और संगठन के बीच तालमेल, विकास योजनाओं के प्रचार और जनसंपर्क गतिविधियों को लेकर विचार-विमर्श किया जा सकता है।

सोमवार को ही निगमों, मंडलों, आयोगों और बोर्डों के अध्यक्षों तथा उपाध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठक भी निर्धारित है। इसके बाद विचार परिवार के प्रमुख पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों से संवाद किया जाएगा। दो दिनों के इस कार्यक्रम में संगठन के विभिन्न स्तरों के नेताओं को शामिल किया गया है, ताकि पार्टी की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं पर व्यापक चर्चा हो सके। स्मृति ईरानी का यह दौरा छत्तीसगढ़ भाजपा के लिए संगठनात्मक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि बैठकों के बाद पार्टी नेतृत्व किन प्राथमिकताओं और कार्ययोजनाओं को आगे बढ़ाता है। आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा का यह कार्यक्रम संगठन की सक्रियता बढ़ाने और नेताओं के बीच समन्वय मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


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