पटना: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके तार पड़ोसी देश Nepal से जुड़े हुए हैं। यह गिरोह भारत में लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाकर अवैध कमाई करता था और फिर उस पैसे को कानूनी जांच से बचाने के लिए सीमा पार भेज देता था। पुलिस की इस कार्रवाई में 69 लाख रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन और कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं। मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब गुरुवार देर रात पुलिस ने मोतिहारी के घोड़ासहन इलाके में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस ऑपरेशन में साइबर थाना और स्थानीय थानों की संयुक्त टीम शामिल थी। जैसे ही पुलिस ने बाजार और मुख्य सड़क पर स्थित दुकानों में दबिश दी, वहां मौजूद भारी मात्रा में नकदी और उपकरण देखकर अधिकारी भी चौंक गए। दरअसल, पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि इस सीमावर्ती इलाके में ठगी के पैसों को ठिकाने लगाने का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।
जांच में सामने आया कि गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। भारत में ठगी से जुटाए गए पैसे को सीधे यहां के बैंकों में रखने के बजाय आरोपी उसे नेपाल के बैंक खातों के जरिए घुमाते थे। इससे वे भारतीय एजेंसियों की नजरों से बचने के साथ-साथ काले धन को वैध दिखाने की कोशिश करते थे। यह पूरा नेटवर्क हवाला जैसी प्रणाली पर आधारित बताया जा रहा है।
पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 11 मोबाइल फोन और नेपाल के विभिन्न बैंकों से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। शुरुआती जांच में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह गिरोह अब तक करीब 50 करोड़ रुपये के लेनदेन को अंजाम दे चुका है। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। इस कार्रवाई से साफ संकेत मिला है कि साइबर अपराध अब सीमाओं से परे संगठित रूप ले चुके हैं, जिनसे निपटने के लिए सख्त और समन्वित कदम जरूरी हैं।