नई दिल्ली: माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के “विकसित भारत” के विजन के तहत स्वच्छ, सुरक्षित, मजबूत और आधुनिक शहरी व्यवस्था विकसित करने तथा आगामी मानसून के दौरान नागरिक सेवाएं सुचारु रूप से जारी रखने और जलभराव की समस्या को कम करने के उद्देश्य से नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के उपाध्यक्ष श्री कुलजीत सिंह चहल ने आज सुबह सिविल, विद्युत, उद्यान, स्वास्थ्य एवं सड़क विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ NDMC क्षेत्र के विभिन्न जलभराव संभावित स्थलों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान चहल ने भारती नगर, गोल्फ लिंक, तुगलक लेन और पंडारा रोड जैसे प्रमुख जलभराव संभावित क्षेत्रों का दौरा कर तैयारियों और रोकथाम संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि मानसून से जुड़े सभी कार्य समय पर पूरे किए जाएं तथा भारी वर्षा के दौरान त्वरित कार्रवाई के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखा जाए।
चहल ने बताया कि NDMC ने पहले चरण में 31 मार्च 2026 तक 100% डी-सिल्टिंग कार्य पूरा कर लिया है, जबकि दूसरा चरण 15 जून 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि रोड डिवीजन 1 से V तथा सीपी डिवीजन के अंतर्गत पहले चरण में 7,888 बेल माउथ, 4,833 गली ट्रैप और 8,913 मैनहोल की सफाई की जा चुकी है, जिससे जल निकासी व्यवस्था मजबूत होगी और जलभराव की समस्या कम होगी।
“विकसित भारत” के विजन और विश्वस्तरीय शहरी प्रबंधन के प्रति NDMC की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए श्री चहल ने मध्यरात्रि में खान मार्केट का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था और चल रहे पुनर्विकास कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण में स्वास्थ्य, सिविल तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी केक साथ RWA के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
उन्होंने खान मार्केट और उसके आसपास चल रहे विभिन्न विकास एवं आधारभूत संरचना सुधार कार्यों की प्रगति की जानकारी दी, जिनका उद्देश्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना तथा आगंतुकों, व्यापारियों और खरीदारों को बेहतर अनुभव प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि सुब्रमण्यम भारती मार्ग स्थित खान मार्केट के मुख्य प्रवेश द्वार पर M-30 ग्रेड के RMC पर ग्रेनाइट स्टोन ब्लॉक लगाने तथा पुराने सीमेंट कंक्रीट फर्श को हटाने का कार्य लगभग 95% पूरा हो चुका है, जबकि कुछ छोटे सुधार कार्य जारी हैं। अमृता शेरगिल मार्ग स्थित NDMC पार्किंग से खान मार्केट तक फुटपाथ निर्माण का कार्य भी प्रगति पर है, जिसमें लगभग 25% कार्य पूरा हो चुका है। इसी प्रकार खान मार्केट की मध्य लेन में ड्रेनेज सिस्टम, पेवमेंट और फ्लोरिंग सुधार कार्य लगभग 16% पूरा हो चुका है। भूमिगत विद्युत केबलों के कारण कार्य की गति प्रभावित हुई है, जिसे संबंधित विभागों के समन्वय से शीघ्र हल किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त खान मार्केट क्षेत्र के फुटपाथों पर पुराने कोटा स्टोन और क्षतिग्रस्त ग्रेनाइट की जगह नई ग्रेनाइट फ्लोरिंग लगाने का कार्य वर्तमान में टेंडर प्रक्रिया में है।
चहल ने कहा कि खान मार्केट राजधानी के सबसे प्रमुख और अधिक संख्या में आने वाले व्यावसायिक क्षेत्रों में से एक है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में निवासी, पर्यटक, राजनयिक और आगंतुक आते हैं। इसकी महत्ता को देखते हुए तथा माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के “विकसित भारत” विजन के अनुरूप NDMC यहां व्यापक पुनर्विकास, सौंदर्यीकरण और नागरिक सुविधा सुधार कार्य कर रहा है, ताकि खान मार्केट को अधिक स्वच्छ, सुरक्षित, सुगम और आकर्षक बनाया जा सके।
निरीक्षण के दौरान चहल ने सभी संबंधित विभागाध्यक्षों (HODs) और कार्यकारी एजेंसियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करते हुए उन्हें निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागों के बेहतर समन्वय से विकास कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए ताकि जनता को जल्द से जल्द बेहतर सुविधाएं और विश्वस्तरीय शहरी वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने NDMC क्षेत्र में स्वच्छता, सफाई, सौंदर्यीकरण और बेहतर नागरिक सुविधाओं को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनर्विकास कार्यों की गुणवत्ता और रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए, ताकि नागरिकों, व्यापारियों और आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
चहल ने नागरिकों, व्यापारियों, दुकानदारों और आगंतुकों से अपील की कि वे NDMC द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास कार्यों में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने दुकानदारों से कचरा निर्धारित स्थानों पर डालने, आगंतुकों से स्वच्छता बनाए रखने तथा सभी नागरिकों से विकास कार्यों के दौरान सहयोग एवं धैर्य बनाए रखने का अनुरोध किया, ताकि “विकसित भारत” के विजन के अनुरूप एक स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक राजधानी का निर्माण किया जा सके।