नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के बाराखंबा रोड स्थित प्रसिद्ध परिक्रमा रेस्टोरेंट में मंगलवार दोपहर अचानक आग लगने से इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा (Delhi Fire Service) की सात दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब 20 मिनट के भीतर आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के घायल होने या जनहानि की कोई सूचना नहीं है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आग लगने की सूचना दोपहर लगभग 3:40 बजे दमकल विभाग को मिली। सूचना मिलते ही फायर कंट्रोल रूम ने तत्काल सात दमकल वाहनों को घटनास्थल के लिए रवाना किया। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर तेजी से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और कुछ ही समय में आग को फैलने से रोक दिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग रेस्टोरेंट के किचन की चिमनी (Kitchen Chimney) में लगी थी। चिमनी से उठे धुएं और आग की लपटों के कारण पूरे भवन में धुआं भर गया, जिससे वहां मौजूद कर्मचारियों और लोगों में कुछ समय के लिए घबराहट फैल गई। हालांकि, कर्मचारियों की सतर्कता और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई के कारण किसी बड़े हादसे को टाल दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद रेस्टोरेंट और आसपास के परिसर को तत्काल खाली कराया गया। सुरक्षा के मद्देनजर लोगों को भवन से बाहर निकाल दिया गया, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। दमकल कर्मियों ने विशेष उपकरणों की मदद से धुएं को बाहर निकाला और आग पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित किया।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के अधिकारियों ने बताया कि आग सीमित क्षेत्र में थी और समय रहते उस पर काबू पा लिया गया। यदि आग तेजी से फैलती तो ऊंची इमारत होने के कारण स्थिति अधिक गंभीर हो सकती थी। मौके पर पहुंची टीमों ने पूरे भवन का निरीक्षण किया और यह सुनिश्चित किया कि कहीं दोबारा आग भड़कने की संभावना न रहे।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने भी मौके का निरीक्षण किया। आग लगने के सटीक कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि किचन की चिमनी में जमा चिकनाई (ग्रीस) या अत्यधिक गर्मी के कारण आग लगी हो सकती है। हालांकि, अंतिम कारण विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि होटल और रेस्टोरेंट में किचन चिमनी की नियमित सफाई और रखरखाव अत्यंत आवश्यक होता है। समय-समय पर चिमनी में जमा तेल और ग्रीस को साफ न करने पर आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा अग्निशमन यंत्रों की नियमित जांच, कर्मचारियों को फायर सेफ्टी का प्रशिक्षण तथा आपातकालीन निकास मार्गों को हमेशा खुला रखना भी आवश्यक है।
घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस ने मोर्चा संभाला। दमकल विभाग के कार्य में कोई बाधा न आए, इसके लिए इलाके में यातायात को कुछ समय के लिए नियंत्रित किया गया। आग बुझने के बाद स्थिति सामान्य होने पर आवागमन बहाल कर दिया गया।
दिल्ली में पिछले कुछ महीनों के दौरान व्यावसायिक भवनों और रेस्टोरेंट में आग लगने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे मामलों के बाद प्रशासन लगातार फायर सेफ्टी नियमों के पालन पर जोर दे रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
फिलहाल परिक्रमा रेस्टोरेंट में लगी आग पूरी तरह बुझा दी गई है और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई और कर्मचारियों की सतर्कता के कारण संभावित बड़ा हादसा टल गया। जांच एजेंसियां अब आग लगने के वास्तविक कारणों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही हैं। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।