नई दिल्ली। छुट्टियों के मौसम में सस्ते विदेशी टूर पैकेज का लालच लोगों को भारी पड़ सकता है। साइबर अपराधी अब फर्जी ट्रैवल वेबसाइटों और सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए लोगों को Dubai Tour, Europe Trip और अन्य अंतरराष्ट्रीय यात्रा पैकेजों पर 70 से 80 प्रतिशत तक की भारी छूट का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में पहले आकर्षक ऑफर दिखाए जाते हैं और फिर एडवांस पेमेंट लेने के बाद वेबसाइट, मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट अचानक गायब हो जाते हैं।
हाल के दिनों में इस तरह के साइबर फ्रॉड के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ठग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मैसेजिंग ऐप और फर्जी वेबसाइटों का इस्तेमाल कर लोगों को कम कीमत में विदेश यात्रा का सपना दिखाते हैं। कई बार वेबसाइट देखने में बिल्कुल असली ट्रैवल कंपनी जैसी लगती है, जिससे आम लोग आसानी से धोखा खा जाते हैं।
ऐसे होता है ट्रैवल स्कैम
साइबर अपराधी सबसे पहले सोशल मीडिया या इंटरनेट पर आकर्षक विज्ञापन चलाते हैं। इनमें सीमित समय के लिए भारी डिस्काउंट, कम कीमत में फ्लाइट टिकट, होटल और वीजा जैसी सुविधाएं देने का दावा किया जाता है। ऑफर इतना लुभावना होता है कि लोग बिना ज्यादा जांच-पड़ताल किए वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं।
वेबसाइट पर बुकिंग के दौरान ग्राहक से नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल, पासपोर्ट से जुड़ी जानकारी और बैंकिंग विवरण मांगा जाता है। इसके बाद एडवांस पेमेंट कराने के लिए लिंक भेजा जाता है। भुगतान होते ही या तो वेबसाइट बंद हो जाती है या ग्राहक को कोई जवाब नहीं मिलता। कई मामलों में ठग ग्राहक की व्यक्तिगत जानकारी का भी गलत इस्तेमाल करते हैं।
केवल HTTPS देखकर न करें भरोसा
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि कई लोग वेबसाइट पर HTTPS देखकर उसे सुरक्षित मान लेते हैं, जबकि यह पूरी तरह सही नहीं है। आजकल फर्जी वेबसाइट भी SSL सर्टिफिकेट लेकर HTTPS का उपयोग कर सकती हैं। इसलिए केवल HTTPS देखकर किसी वेबसाइट पर भरोसा करना बड़ी गलती हो सकती है।
बुकिंग से पहले वेबसाइट का डोमेन, कंपनी का रजिस्ट्रेशन, ग्राहक समीक्षाएं, संपर्क पता और भुगतान के विकल्पों की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए। यदि वेबसाइट नई बनी हो या उसके बारे में विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध न हो तो उससे दूरी बनाना ही बेहतर है।
बुकिंग से पहले इन बातों का रखें ध्यान
किसी भी ट्रैवल वेबसाइट से बुकिंग करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करें। इंटरनेट पर कंपनी के रिव्यू पढ़ें और देखें कि उसका कार्यालय, ग्राहक सेवा नंबर और ईमेल सक्रिय हैं या नहीं।
यदि कोई ऑफर बाजार कीमत की तुलना में बहुत अधिक सस्ता दिखाई दे तो सतर्क हो जाएं। कई बार “Limited Offer”, “Only Today” या “80% Discount” जैसे संदेश केवल लोगों को जल्दबाजी में फैसला लेने के लिए दिखाए जाते हैं।
भुगतान हमेशा सुरक्षित और विश्वसनीय पेमेंट गेटवे के माध्यम से करें। किसी अनजान व्यक्ति के व्यक्तिगत बैंक खाते या UPI आईडी पर पैसे भेजने से बचें।
ठगी होने पर तुरंत क्या करें
यदि किसी फर्जी ट्रैवल वेबसाइट के माध्यम से भुगतान हो गया है तो बिना देर किए अपने बैंक से संपर्क करें और लेनदेन रोकने का प्रयास करें। साथ ही राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है। समय पर शिकायत करने से कई मामलों में रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
डिजिटल सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि इंटरनेट पर मिलने वाला हर आकर्षक ऑफर वास्तविक नहीं होता। किसी भी वेबसाइट पर व्यक्तिगत दस्तावेज या बैंकिंग जानकारी साझा करने से पहले उसकी पूरी जांच करना जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी न केवल आर्थिक नुकसान से बचा सकती है, बल्कि आपकी निजी जानकारी को भी सुरक्षित रख सकती है।
विदेश यात्रा की योजना बनाते समय हमेशा अधिकृत ट्रैवल एजेंसी या विश्वसनीय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का ही चयन करें। किसी भी अनजान वेबसाइट या सोशल मीडिया विज्ञापन पर आंख बंद करके भरोसा करना महंगा साबित हो सकता है।