नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली का मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम एक बेहद खास और अनूठे वैश्विक आयोजन का गवाह बनने जा रहा है। यहाँ 27 जून से तीन दिवसीय ‘त्रिपुरा ग्लोबल पाइनएप्पल महोत्सव’ का शानदार आगाज होने जा रहा है। इस भव्य और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी में देश-विदेश के प्रगतिशील किसान, कृषि वैज्ञानिक, नीति-निर्माता और बड़े वैश्विक कारोबारी एक मंच पर जुटेंगे।
इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य त्रिपुरा की उस खास अनानास प्रजाति को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई ऊंचाइयों पर ले जाना है, जिसे दुनिया ‘क्वीन पाइनएप्पल’ (Queen Pineapple) के नाम से जानती है।
गौरतलब है कि इस अनूठी और अत्यधिक मीठी प्रजाति को साल 2014 में ही भौगोलिक संकेतक यानी GI टैग (Geographical Indication) हासिल हो चुका है।
इस महोत्सव के जरिए त्रिपुरा सरकार राज्य की समृद्ध कृषि क्षमता, खान-पान और सांस्कृतिक विरासत का वैश्विक स्तर पर प्रदर्शन करेगी।
त्रिपुरा के कृषि और किसान कल्याण मंत्री रतन लाल नाथ ने दिल्ली के त्रिपुरा भवन में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान इस कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की।
इस खास आयोजन के दौरान त्रिपुरा के 5 प्रगतिशील पाइनएप्पल किसानों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया जाएगा।
इसके साथ ही, उनके द्वारा उपजाए गए बेहतरीन कृषि उत्पादों के प्रदर्शन और सीधी बिक्री के लिए महोत्सव में 25 विशेष स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
इस पूरे महोत्सव में सबसे ज्यादा चर्चा और आकर्षण का केंद्र त्रिपुरा सरकार का अभिनव ‘वेस्ट से वेल्थ’ (कचरे से कमाई) मॉडल होने वाला है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा। अब तक पाइनएप्पल के सिर्फ फल का ही इस्तेमाल होता था, लेकिन अब उसके बेकार तने और पत्तियों का भी व्यावसायिक उपयोग किया जाएगा:
औषधीय एंजाइम (ब्रोमेलेन): पाइनएप्पल के बेकार तने से औषधीय गुणों से भरपूर ‘ब्रोमेलेन एंजाइम’ (Bromelain Enzyme) निकाला जाएगा, जिसका उपयोग फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री में होता है। इसके लिए त्रिपुरा के अगरतला और गोमती में दो अत्याधुनिक प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।
प्रीमियम फाइबर (धागा): फल तोड़ने के बाद फेंक दी जाने वाली पत्तियों से उच्च गुणवत्ता वाला ‘पाइनएप्पल फाइबर’ (धागा) तैयार किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय बाजारों और होम डेकोर (घर की सजावट) इंडस्ट्री में इस धागे की भारी मांग है।
स्थानीय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए त्रिपुरा सरकार इस अभियान के तहत ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों की महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को बड़े पैमाने पर जोड़ रही है। महिलाओं को पाइनएप्पल से जैम, जेली, जूस और कैंडी जैसे मूल्यवर्धित (Value-added) उत्पाद बनाने की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। इस पूरे अभियान और किसानों की आय दोगुनी करने के सपने को गति देने के लिए राज्य सरकार 236 करोड़ रुपए का महत्वाकांक्षी ‘मिशन क्वीन पाइनएप्पल’ संचालित कर रही है।
कृषि मंत्री का बयान: त्रिपुरा के कृषि मंत्री रतन लाल नाथ ने कहा कि ‘क्वीन पाइनएप्पल’ अपने स्वाद और खुशबू के कारण हमेशा से दुनिया में खास रही है। इस महोत्सव का सीधा लक्ष्य हमारे किसानों और वैश्विक खरीदारों (Global Buyers) के बीच सीधा संबंध स्थापित करना है, ताकि बिचौलियों के बिना किसान स्वयं अपना फल बेचकर सीधा और अधिकतम मुनाफा कमा सकें।