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भवानीपुर में आमने-सामने दिखे ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी, बिना बातचीत बढ़ी सियासी हलचल

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान के दौरान भवानीपुर में एक दिलचस्प राजनीतिक दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी एक ही समय पर एक मतदान केंद्र पर पहुंच गए। हालांकि दोनों नेताओं के बीच कोई बातचीत नहीं हुई, लेकिन उनकी मौजूदगी ने चुनावी […]

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Gauravshali Bharat News
  • April 29, 2026 1:38 pm IST, Published 1 hour ago

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान के दौरान भवानीपुर में एक दिलचस्प राजनीतिक दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी एक ही समय पर एक मतदान केंद्र पर पहुंच गए। हालांकि दोनों नेताओं के बीच कोई बातचीत नहीं हुई, लेकिन उनकी मौजूदगी ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया।

यह घटना कोलकाता के चक्रबेरिया इलाके में स्थित एक पोलिंग बूथ पर हुई, जहां दोनों नेता अलग-अलग समय पर निरीक्षण और मतदान प्रक्रिया का जायजा लेने पहुंचे थे। मतदान के दौरान दोनों का आमना-सामना हुआ, लेकिन उन्होंने एक-दूसरे से कोई संवाद नहीं किया। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर लोगों और समर्थकों के बीच चर्चा का विषय बना दिया।

भवानीपुर विधानसभा सीट इस चुनाव में खास महत्व रखती है। यह सीट लंबे समय से ममता बनर्जी का राजनीतिक गढ़ रही है। इसी कारण भाजपा ने यहां से सुवेंदु अधिकारी को उम्मीदवार बनाकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। दोनों नेताओं के बीच यह टक्कर काफी अहम मानी जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भवानीपुर की यह लड़ाई नंदीग्राम में हुए पिछले मुकाबले का एक तरह से पुनर्मुकाबला मानी जा रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को करीबी अंतर से हराया था। इसके बाद ममता बनर्जी ने भवानीपुर उपचुनाव जीतकर विधानसभा में वापसी की थी।

गौरतलब है कि सुवेंदु अधिकारी कभी तृणमूल कांग्रेस का अहम हिस्सा रहे थे और ममता बनर्जी के करीबी माने जाते थे। लेकिन 2021 के चुनाव से पहले उन्होंने पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया, जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और तीखी हो गई।

भवानीपुर सीट दोनों दलों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुकी है। तृणमूल कांग्रेस के लिए यह मुख्यमंत्री की साख से जुड़ा मामला है, जबकि भाजपा के लिए यहां जीत दर्ज करना राज्य की राजनीति में बड़ा संदेश देने जैसा होगा।

मतदान के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और प्रशासन शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने में जुटा हुआ है। वहीं, मतदाताओं में भी उत्साह देखा जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल सीट पर नतीजे क्या होंगे, यह तो आने वाले समय में साफ होगा, लेकिन फिलहाल भवानीपुर का यह मुकाबला पूरे राज्य का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है।

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