श्रीनगर: भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने जम्मू-कश्मीर और अमेरिका के बीच आर्थिक एवं क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की। मुलाकात के बाद गोर ने जम्मू-कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए क्षेत्र की सुरक्षा और संभावनाओं पर सकारात्मक टिप्पणी की।
सर्जियो गोर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर आकर उन्हें अच्छा लगा और उन्होंने क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता की भी सराहना की। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ हुई बातचीत सकारात्मक और दोस्ताना रही। दोनों पक्षों ने आर्थिक सहयोग को मजबूत करने तथा ऐसे नए अवसर तलाशने पर चर्चा की, जिनसे भारत और अमेरिका दोनों को लाभ मिल सके।
गोर की यह यात्रा ऐसे समय हुई है, जब जम्मू-कश्मीर को लेकर अमेरिका की मौजूदा ट्रैवल एडवाइजरी पर भी चर्चा हो रही है। अमेरिकी राजदूत ने संकेत दिया कि क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति में सुधार को देखते हुए वॉशिंगटन अपनी यात्रा संबंधी चेतावनी की समीक्षा कर सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में तत्काल कोई बड़ी घोषणा नहीं की जा रही है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका अलग-अलग क्षेत्रों के लिए समय-समय पर अपनी ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा करता है। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए यह भी देखा जाएगा कि क्या मौजूदा चेतावनी में कोई बदलाव किया जा सकता है। गोर ने कहा कि नई दिल्ली और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने क्षेत्र को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
अमेरिकी राजदूत ने जम्मू-कश्मीर की खूबसूरती का उल्लेख करते हुए कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि अधिक अमेरिकी पर्यटक इस क्षेत्र की यात्रा कर सकेंगे। उनके अनुसार, जम्मू-कश्मीर में पर्यटन के अलावा कई अन्य क्षेत्रों में भी संभावनाएं मौजूद हैं। सुरक्षा व्यवस्था में सुधार इन संभावनाओं को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी मुलाकात को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि दोनों पक्षों के बीच जम्मू-कश्मीर और अमेरिका के संबंधों को और मजबूत करने पर सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने विशेष रूप से पर्यटन, बागवानी और नई अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया।
जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की अहम भूमिका है। अमेरिका जैसे बड़े बाजार से पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर स्थानीय होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और अन्य सेवा क्षेत्रों को फायदा हो सकता है। इसी तरह बागवानी क्षेत्र में भी जम्मू-कश्मीर के उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं।
Appreciated the opportunity to meet with Jammu & Kashmir Chief Minister @OmarAbdullah and to learn more about his priorities. We discussed ways to deepen economic collaboration and create opportunities that would mutually benefit both of our nations. pic.twitter.com/dmLnyBHjc9
— Ambassador Sergio Gor (@USAmbIndia) August 19, 2026
नई अर्थव्यवस्था और तकनीक से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। इससे जम्मू-कश्मीर में युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने, निवेश आकर्षित करने और स्थानीय कारोबार को व्यापक बाजार से जोड़ने की संभावनाएं बन सकती हैं।
सर्जियो गोर की यात्रा का एक अहम राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है। जम्मू-कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताकर अमेरिकी राजदूत ने क्षेत्र को लेकर अमेरिकी रुख को स्पष्ट रूप से सामने रखा। उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब भारत-पाकिस्तान संबंधों और जम्मू-कश्मीर को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार चर्चा होती रही है।
हालांकि, ट्रैवल एडवाइजरी में बदलाव को लेकर गोर ने कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई। उन्होंने केवल समीक्षा की संभावना जताई। ऐसे में आगे वॉशिंगटन की ओर से सुरक्षा स्थिति का आकलन किए जाने के बाद ही कोई औपचारिक निर्णय सामने आ सकता है।
कुल मिलाकर, सर्जियो गोर और उमर अब्दुल्ला की मुलाकात को जम्मू-कश्मीर और अमेरिका के बीच संभावित आर्थिक एवं पर्यटन सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुरक्षा स्थिति, पर्यटन, बागवानी और नई अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर बातचीत से भविष्य में दोनों पक्षों के बीच सहयोग का दायरा बढ़ने की संभावना है।