मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में सीएनजी के दामों में बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरों के अनुसार सीएनजी की कीमत में 2 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा किया गया है। बढ़ी हुई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं, जिससे निजी वाहन चालकों के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ने की संभावना है।
सीएनजी को पेट्रोल और डीजल की तुलना में किफायती और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन माना जाता है। यही वजह है कि मुंबई में बड़ी संख्या में ऑटो रिक्शा, टैक्सी, निजी कारें और कुछ व्यावसायिक वाहन सीएनजी पर चलते हैं। कीमतों में वृद्धि के बाद इन वाहन मालिकों का मासिक ईंधन खर्च बढ़ जाएगा।
सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी का असर परिवहन क्षेत्र पर भी पड़ सकता है। यदि ईंधन लागत लगातार बढ़ती है तो टैक्सी और ऑटो चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ेगा। इसका असर यात्रियों के किराए पर भी पड़ सकता है, हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है।
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े जानकारों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय गैस बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव, आपूर्ति लागत और वितरण खर्च में वृद्धि जैसे कारणों से समय-समय पर सीएनजी दरों में बदलाव किया जाता है। कंपनियां इन कारकों को ध्यान में रखते हुए नई कीमतें तय करती हैं।
महंगाई के दौर में ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी आम लोगों के लिए एक और झटका मानी जा रही है। जहां एक ओर लोग पेट्रोल और डीजल की ऊंची कीमतों से राहत पाने के लिए सीएनजी वाहनों की ओर रुख कर रहे थे, वहीं अब सीएनजी के दाम बढ़ने से उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
मुंबई महानगर क्षेत्र में सीएनजी की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं की नजर अब इस बात पर रहेगी कि आने वाले समय में कीमतों में और बदलाव होता है या बाजार में स्थिरता बनी रहती है।