मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान के ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) दर्जे को रद्द करने की संभावित कार्रवाई को लेकर विवाद सामने आया है। अभिनेता को इस संबंध में फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इमरान खान ने नोटिस में लगाए गए आरोपों और उनके आधार पर सवाल उठाते हुए संबंधित विभाग को पत्र लिखा है। उनका कहना है कि नोटिस में दिए गए कारण स्पष्ट नहीं हैं और कुछ बिंदुओं में विरोधाभास नजर आता है। उन्होंने संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि वह अपना जवाब तथ्यों के आधार पर दे सकें।
इमरान खान ने अपने पत्र में कहा है कि नोटिस में जिस पुलिस रिपोर्ट का हवाला दिया गया है, उसकी प्रति और उससे संबंधित अन्य दस्तावेज उन्हें उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। उनका कहना है कि पर्याप्त जानकारी के बिना नोटिस का उचित जवाब देना मुश्किल है। अभिनेता ने FRRO से उन तथ्यों और साक्ष्यों को साझा करने का अनुरोध किया है, जिनके आधार पर उनके OCI दर्जे को रद्द करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। इमरान खान ने यह आशंका भी जताई है कि विभाग ने उनका OCI दर्जा रद्द करने को लेकर पहले ही राय बना ली है।
हालांकि, यह उनका पक्ष है और इस संबंध में विभाग का विस्तृत जवाब सामने आने के बाद ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। कारण बताओ नोटिस आम तौर पर संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का अवसर देने के लिए जारी किया जाता है। इसके बाद संबंधित अधिकारी उपलब्ध दस्तावेजों और जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेते हैं। यह मामला 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुए एक विरोध प्रदर्शन के बाद चर्चा में आया। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित किया गया था, जिसमें इमरान खान के शामिल होने की जानकारी सामने आई थी। घटना के बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की बात कही गई।
इसके बाद FRRO की ओर से उन्हें भारत छोड़ने के संबंध में नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में उल्लेख किया गया था कि इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास OCI कार्ड है। OCI दर्जा भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को भारत में रहने और कुछ निर्धारित सुविधाओं का लाभ लेने की अनुमति देता है। हालांकि, यह भारतीय नागरिकता के समान नहीं है और इसके लिए संबंधित कानूनों तथा नियमों का पालन करना होता है। इस दर्जे को रद्द करने से जुड़ी किसी भी कार्रवाई में लागू कानूनी प्रावधान और संबंधित व्यक्ति को उपलब्ध प्रक्रियात्मक अवसर महत्वपूर्ण होते हैं। इमरान खान ने भारत छोड़ने संबंधी FRRO के नोटिस को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हाई कोर्ट ने फिलहाल उस नोटिस पर रोक लगा रखी है।
इस कारण भारत छोड़ने के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई नहीं हो सकती। मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को निर्धारित बताई गई है। अदालत में आगे होने वाली सुनवाई से यह स्पष्ट हो सकता है कि नोटिस को लेकर दोनों पक्षों की दलीलें क्या हैं और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ेगी। फिलहाल इमरान खान ने OCI दर्जे को लेकर जारी कारण बताओ नोटिस के संबंध में अधिक जानकारी और दस्तावेज मांगे हैं। उनका कहना है कि वह उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष रखना चाहते हैं। दूसरी ओर, संबंधित विभाग की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है, यह उसके जवाब और मामले की कानूनी स्थिति पर निर्भर करेगा। बॉम्बे हाई कोर्ट में लंबित सुनवाई भी इस पूरे प्रकरण के लिए महत्वपूर्ण होगी।