पुणे: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड मामले में शुक्रवार को अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी सिया गोयल (20) और उसके प्रेमी चेतन चौधरी (22) को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की हिरासत अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसे कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया।
आरोप है कि 18 जून को सिया गोयल और चेतन चौधरी ने मिलकर पुणे जिले के लोहागढ़ किले पर 25 वर्षीय कारोबारी केतन अग्रवाल को चट्टान से धक्का देकर उनकी हत्या कर दी थी। चौंकाने वाली बात यह है कि केतन और सिया की शादी इसी साल नवंबर में होने वाली थी।
सरकारी वकील राजश्री विरकुड ने अदालत को बताया कि मामले की परतें खोलने के लिए पूछताछ अभी जारी है:
कोडवर्ड्स और इमोजी का जाल: आरोपियों के मोबाइल फोन से जो डेटा बरामद हुआ है, उसमें सांकेतिक भाषा (कोडवर्ड्स), निकनेम और इमोजी का इस्तेमाल किया गया है। पुलिस का कहना है कि इन कोड्स का मतलब केवल आरोपी ही बता सकते हैं।
डिजिटल सबूत: पुलिस ने सिया गोयल का एक और मोबाइल फोन बरामद किया है, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पहले मिले फोन की रिपोर्ट आ चुकी है, जिसमें हुई बातचीत के संदर्भ को समझने के लिए आमने-सामने बिठाकर पूछताछ जरूरी है।
रिहर्सल और सबूत: अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि उन्होंने उस स्थान का पंचनामा कर लिया है जहाँ आरोपियों ने कथित तौर पर हत्या की ‘रिहर्सल’ की थी और जहाँ केतन का पासपोर्ट ठिकाने लगाया गया था।
आरोपियों के वकीलों ने हिरासत बढ़ाने की पुलिस की अर्जी का कड़ा विरोध किया। वकील विपुल दुशिंग ने तर्क दिया कि पुलिस पहले ही सभी आवश्यक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य सामान जब्त कर चुकी है। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और पुलिस केवल संभावनाओं के आधार पर हिरासत बढ़ाना चाहती है।
पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि घटनास्थल पर मौजूद कुछ अहम गवाह सामने आए हैं, जिनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, उनके पास यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि केतन अग्रवाल की हत्या की गई थी। फिलहाल, दोनों आरोपियों को 16 जुलाई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।