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पुणे में सड़क फटने से फूटा पानी का फव्वारा, ठेकेदार पर सवाल

SEO Title (55–60 Characters): पुणे में सड़क फटने से फूटा पानी का फव्वारा, ठेकेदार पर सवाल संबंधित खबरें आमिर खान की शादी में फोगाट परिवार को नहीं मिला न्योता: रिपोर्ट नागपुर मर्डर केस: पत्नी ने पति की हत्या की दी सुपारी, गिरफ्तार केतन  हत्याकांड: आरोपी सिया  और चेतन 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे […]

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  • July 5, 2026 7:30 pm IST, Published 1 hour ago

SEO Title (55–60 Characters):

पुणे में सड़क फटने से फूटा पानी का फव्वारा, ठेकेदार पर सवाल

English Keyword:

Pune Water Pipeline Burst

English Tags:

Pune, Water Pipeline Burst, Talegaon Dabhade, Maharashtra, Water Supply, Municipal Council, Contractor Negligence, Road Collapse, Water Leakage, Viral Video

पुणे में सड़क फटने से फूटा पानी का फव्वारा, ठेकेदार पर सवाल

पुणे: महाराष्ट्र के पुणे जिले के तलेगांव दाभाडे क्षेत्र में जलापूर्ति योजना की टेस्टिंग के दौरान एक हैरान करने वाली घटना सामने आई। सड़क के बीचों-बीच अचानक तेज दबाव के साथ पानी का फव्वारा फूट पड़ा, जिससे आसपास मौजूद लोग घबरा गए। कुछ देर के लिए सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहगीरों ने सुरक्षित स्थानों की ओर भागकर अपनी जान बचाई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बारिश के बीच सामान्य रूप से लोग सड़क से गुजर रहे थे। तभी अचानक सड़क के बीच से तेज दबाव के साथ पानी निकलने लगा। देखते ही देखते पानी की धार कई फीट ऊपर तक पहुंच गई। कुछ लोगों ने पहले इसे प्राकृतिक घटना समझा, लेकिन बाद में पता चला कि यह जलापूर्ति पाइपलाइन में तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुआ।

स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। सड़क पर चल रहे वाहन भी कुछ समय के लिए रुक गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

नगर परिषद के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और तुरंत जलापूर्ति बंद कर मरम्मत कार्य शुरू कराया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पाइपलाइन जोड़ने के दौरान निर्माण एजेंसी की ओर से निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया था। इसी कारण टेस्टिंग के दौरान पाइपलाइन का जोड़ दबाव नहीं झेल सका और सड़क के नीचे से पानी का तेज फव्वारा निकल आया।

नगर परिषद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सड़क की मरम्मत और पुनर्निर्माण पर आने वाला पूरा खर्च भी संबंधित ठेकेदार से वसूला जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि जलापूर्ति योजना की टेस्टिंग किसी भी नई पाइपलाइन परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। इस प्रक्रिया के दौरान पाइपलाइन में उच्च दबाव से पानी छोड़ा जाता है ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी का समय रहते पता चल सके। इसी टेस्टिंग के दौरान यह दोष सामने आया, जिससे भविष्य में किसी बड़े हादसे की संभावना टल गई।

घटना के बाद नगर परिषद की तकनीकी टीम ने पूरे इलाके की पाइपलाइन की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अन्य हिस्सों में भी दबाव परीक्षण किया जाएगा ताकि कहीं और ऐसी समस्या न हो। यदि किसी स्थान पर निर्माण गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लाखों लोग देख चुके हैं। कई यूजर्स ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि सरकारी परियोजनाओं में गुणवत्ता से समझौता आम जनता की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से मांग की है कि सभी सार्वजनिक निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और कार्य पूरा होने के बाद स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए। उनका कहना है कि समय रहते खामियां सामने आने से बड़े हादसों को रोका जा सकता है।

नगर परिषद ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि प्रभावित सड़क की मरम्मत जल्द पूरी कर ली जाएगी और जलापूर्ति व्यवस्था को भी सामान्य किया जाएगा। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

फिलहाल यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक जलापूर्ति परियोजनाओं में गुणवत्ता नियंत्रण और नियमित निरीक्षण बेहद जरूरी है। यदि निर्माण के दौरान तकनीकी मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए तो इस प्रकार की घटनाओं से आसानी से बचा जा सकता है। नगर परिषद की जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि इस पूरे मामले में वास्तविक जिम्मेदारी किसकी है और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।

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