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आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

नयी दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट  ने आवारा कुत्तों से जुड़े मामले में अपना विस्तृत फैसला सुनाते हुए कई अहम टिप्पणियाँ की हैं। कोर्ट ने कहा कि उसने 7 नवंबर के आदेश को वापस लेने की मांग करने वाली सभी अर्जियों पर विस्तार से विचार किया, लेकिन सभी याचिकाएं खारिज कर दी गईं। अदालत ने स्पष्ट किया […]

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Supreme Court Lathicharge
Gauravshali Bharat News
  • May 19, 2026 11:20 am IST, Published 2 months ago

नयी दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट  ने आवारा कुत्तों से जुड़े मामले में अपना विस्तृत फैसला सुनाते हुए कई अहम टिप्पणियाँ की हैं। कोर्ट ने कहा कि उसने 7 नवंबर के आदेश को वापस लेने की मांग करने वाली सभी अर्जियों पर विस्तार से विचार किया, लेकिन सभी याचिकाएं खारिज कर दी गईं।

अदालत ने स्पष्ट किया कि पैरा 85 में यह निष्कर्ष दर्ज है कि AWBI द्वारा जारी SOP में दखल देने का कोई कारण नहीं है, इसलिए इसे चुनौती देने का आधार भी नहीं बनता। SOP को चुनौती देने वाली सभी अंतरिम अर्जियां (IAs) भी खारिज कर दी गईं।

कोर्ट ने कहा कि वह यह नजरअंदाज नहीं कर सकती कि ABC फ्रेमवर्क 2001 में लागू किया गया था, लेकिन इसके प्रभावी क्रियान्वयन में लगातार कमियां रही हैं। अदालत ने टिप्पणी की कि आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या के अनुपात में बुनियादी ढांचे के विस्तार और प्रबंधन के प्रयास कमजोर रहे हैं, और नसबंदी-टीकाकरण अभियान भी अक्सर बिना समुचित योजना के चलाए गए।

कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि राज्यों ने दूरदर्शिता के साथ काम किया होता, तो आज स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। अदालत ने विभिन्न राज्यों से आए आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि कुत्तों के काटने की घटनाएं चिंताजनक स्तर तक पहुंच चुकी हैं, जिनमें छोटे बच्चों के गंभीर रूप से घायल होने की रिपोर्टें भी शामिल हैं।

कोर्ट ने यह भी नोट किया कि हवाई अड्डों, रिहायशी इलाकों और शहरी क्षेत्रों में कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो प्रशासनिक विफलता को दर्शाती हैं। सुनवाई के दौरान सूरत में एक विदेशी नागरिक के काटे जाने जैसी घटनाओं का भी उल्लेख किया गया, जिसे अदालत ने गंभीर चिंता का विषय बताया।

अंत में कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि उसके आदेशों का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित राज्यों के खिलाफ अवमानना, अनुशासनात्मक कार्रवाई और टॉर्ट (नागरिक) दायित्व के तहत कार्यवाही की जा सकती है।

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