ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर डी.के. शिवकुमार ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों को संभालने में केंद्र सरकार विफल रही है, जिसका असर सीधे तौर पर देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
डीके शिवकुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक स्तर पर चीजों को सही तरीके से मैनेज नहीं कर पाए। उन्होंने कोविड काल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय लोगों से “घंटी बजाने” और “दीया जलाने” की अपील की गई थी, लेकिन आम जनता की असली परेशानियों का समाधान नहीं किया गया।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आम आदमी आखिर ईंधन की खपत कैसे कम कर सकता है। “मैं अपनी गाड़ी चलाना कैसे बंद कर दूं? लोग अपने काम और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए वाहन इस्तेमाल करते हैं,” उन्होंने कहा। शिवकुमार ने यह भी तंज कसा कि अगर केंद्र सरकार सच में ईंधन बचत को लेकर गंभीर है तो केंद्रीय मंत्रियों की सुरक्षा और सरकारी वाहनों के इस्तेमाल में कटौती की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि लोगों की यात्रा और जीवनशैली उनकी कमाई और पसंद पर निर्भर करती है, ऐसे में आम जनता पर बोझ डालना सही नहीं है। बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। विपक्ष जहां इसे महंगाई और ईंधन संकट पर जनता की आवाज बता रहा है, वहीं भाजपा नेताओं ने बयान को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है।