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कपिवा ने आयुर्वेदिक क्लिनिकल केयर में रखा कदम, लॉन्च किए एडहेरेंस-आधारित ट्रीटमेंट मॉडल वाले आयुर्वेद क्लीनिक

बेंगलुरु। भारत के प्रमुख साइंस-बैक्ड आयुर्वेद ब्रांड Kapiva ने हेल्थकेयर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने पहले कपिवा आयुर्वेद क्लीनिक लॉन्च करने की घोषणा की है। इस पहल के साथ कंपनी ने अपने प्रोडक्ट-केंद्रित व्यवसाय को आगे बढ़ाते हुए एक संरचित और निरंतर देखभाल (Continuity-Driven Care) आधारित क्लिनिकल ट्रीटमेंट मॉडल की शुरुआत की […]

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  • June 19, 2026 6:30 pm IST, Published 1 hour ago

बेंगलुरु। भारत के प्रमुख साइंस-बैक्ड आयुर्वेद ब्रांड Kapiva ने हेल्थकेयर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने पहले कपिवा आयुर्वेद क्लीनिक लॉन्च करने की घोषणा की है। इस पहल के साथ कंपनी ने अपने प्रोडक्ट-केंद्रित व्यवसाय को आगे बढ़ाते हुए एक संरचित और निरंतर देखभाल (Continuity-Driven Care) आधारित क्लिनिकल ट्रीटमेंट मॉडल की शुरुआत की है। कंपनी के अनुसार यह मॉडल मरीजों को केवल उत्पाद उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन्हें संपूर्ण उपचार यात्रा के दौरान चिकित्सकीय मार्गदर्शन और फॉलो-अप भी प्रदान करेगा।

कपिवा ने इस नई पहल की शुरुआत ऐसे समय में की है जब कंपनी आयुर्वेद क्षेत्र में अपने दस वर्ष पूरे कर चुकी है। नए क्लीनिक मुख्य रूप से चार प्रमुख स्वास्थ्य समस्याओं—डायबिटीज़, हृदय स्वास्थ्य, क्रॉनिक पेन और महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं—पर केंद्रित होंगे। कंपनी का मानना है कि भारत में तेजी से बढ़ रही क्रॉनिक बीमारियों के समाधान के लिए केवल दवाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि रोग के मूल कारणों की पहचान और लंबे समय तक निरंतर देखभाल की आवश्यकता है।

आज भारत में क्रॉनिक बीमारियों का दायरा केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गया है। युवा वर्ग, विशेषकर 20 से 30 वर्ष की आयु के लोग भी डायबिटीज़, मोटापा, हार्मोनल असंतुलन और हृदय संबंधी समस्याओं जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में लोग ऐसे उपचार विकल्प तलाश रहे हैं जो केवल लक्षणों को नियंत्रित न करें, बल्कि बीमारी के मूल कारणों को भी संबोधित करें। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कपिवा ने अपने क्लीनिक मॉडल को विकसित किया है।

कंपनी के अनुसार, कपिवा आयुर्वेद क्लीनिक का सबसे महत्वपूर्ण पहलू 45 से 60 मिनट का विस्तृत आयुर्वेदिक परामर्श है। सामान्यतः भारत में डॉक्टरों के साथ औसत परामर्श का समय 5 से 10 मिनट माना जाता है, जिससे रोग की जड़ तक पहुंचना कई बार संभव नहीं हो पाता। कपिवा का दावा है कि उनके विशेषज्ञ मरीज की जीवनशैली, खानपान, मानसिक स्थिति और स्वास्थ्य इतिहास का गहन अध्ययन कर व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार करेंगे।

प्रत्येक मरीज को उसकी दिनचर्या और जरूरतों के अनुसार एक पर्सनलाइज्ड आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट प्लान दिया जाएगा। इसमें दवाओं के साथ-साथ पोषण संबंधी सलाह, जीवनशैली में बदलाव, AI-सक्षम डायग्नोस्टिक सपोर्ट तथा आवश्यकता पड़ने पर पंचकर्म और अभ्यंगम जैसी पारंपरिक आयुर्वेदिक थेरेपी भी शामिल होंगी। इसके अतिरिक्त उपचार की निरंतरता बनाए रखने के लिए सातवें, चौदहवें और इक्कीसवें दिन नियमित फॉलो-अप की व्यवस्था भी की गई है।

कपिवा के संस्थापक एवं सीईओ अमेव शर्मा ने कहा कि कंपनी को अपने उपभोक्ताओं के साथ लगातार बातचीत के दौरान यह महसूस हुआ कि कई लोग उपचार शुरू तो करते हैं, लेकिन बीच में ही उसे छोड़ देते हैं। इसका प्रमुख कारण इलाज के दौरान संरचित मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग का अभाव है। उन्होंने कहा कि कपिवा आयुर्वेद क्लीनिक का उद्देश्य मरीजों को शुरुआत से लेकर उपचार पूर्ण होने तक एकीकृत और व्यक्तिगत देखभाल प्रदान करना है।

उन्होंने कहा, “हमने महसूस किया कि प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार के लिए केवल उत्पाद पर्याप्त नहीं हैं। मरीजों को गहन, व्यक्तिगत और लगातार सहयोग देने वाली व्यवस्था की आवश्यकता है। कपिवा आयुर्वेद क्लीनिक उसी दिशा में हमारी महत्वपूर्ण पहल है, जो हमारे ग्राहकों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित की गई है।”

पिछले एक दशक में कपिवा ने आयुर्वेद आधारित कई वेलनेस और हेल्थकेयर उत्पाद विकसित किए हैं। कंपनी का कहना है कि क्लीनिक मॉडल उसी दर्शन का विस्तार है, जिसमें उपचार, पोषण, जीवनशैली और नियमित फॉलो-अप को एक समग्र स्वास्थ्य यात्रा के रूप में देखा जाता है।

फिलहाल कपिवा आयुर्वेद क्लीनिक बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड, एचएसआर लेआउट और सरजापुर रोड स्थित तीन केंद्रों पर संचालित हो रहे हैं। कंपनी निकट भविष्य में बेंगलुरु के अन्य क्षेत्रों में विस्तार करने के साथ-साथ देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी अपनी उपस्थिति बढ़ाने की योजना बना रही है।

यह लॉन्च हाल ही में घोषित कपिवा इनोवेशन फंड (KIF) के बाद आया है, जिसके तहत कंपनी ने आयुर्वेद में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 50 करोड़ रुपये का कोष स्थापित किया है। इस पहल से स्पष्ट है कि कपिवा केवल आयुर्वेदिक उत्पादों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि एक समग्र और आधुनिक आयुर्वेदिक हेल्थकेयर ब्रांड के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना चाहती है।

Keywords (English):

Kapiva, Ayurveda Clinic, Clinical Care, Diabetes Treatment, Heart Health, Chronic Pain, Women’s Health, Personalized Treatment, Ayurveda Healthcare, Wellness Industry

Tags:

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