पत्नी, बेटे और 2 पुजारियों की हत्या के आरोपी का एनकाउंटर

तीन बच्चों को बनाया था बंधक आजमगढ़,। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में एक ही परिवार और पूजा कराने आए पुजारियों से जुड़ी सनसनीखेज घटना सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, अरविंद सिंह (42) ने अपनी पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपने तीन बच्चों को कमरे में […]

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  • September 23, 2026 8:38 am IST, Published 33 seconds ago

तीन बच्चों को बनाया था बंधक

आजमगढ़,। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में एक ही परिवार और पूजा कराने आए पुजारियों से जुड़ी सनसनीखेज घटना सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, अरविंद सिंह (42) ने अपनी पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपने तीन बच्चों को कमरे में बंधक बना लिया। करीब सात घंटे तक चले घटनाक्रम के दौरान उसने अपने 9 वर्षीय बेटे शौर्य को भी गोली मार दी।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद एटीएस, एसओजी और पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अरविंद सिंह घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

घटना अहिरौला थाना क्षेत्र की है, जो जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है।

पूजा कराने को लेकर पत्नी से हुआ था विवाद

पुलिस के मुताबिक, अरविंद के घर में पिछले चार दिनों से पूजा चल रही थी। परिवार को आशंका थी कि उस पर कथित तौर पर भूत-प्रेत का साया है। पूजा के लिए महेंद्र पाठक (60), अखिलेश मिश्रा (55) समेत कुछ पुजारियों को बुलाया गया था।

मंगलवार शाम करीब 6 बजे अरविंद घर लौटा। इसी दौरान पत्नी बबीता से पूजा को लेकर उसका विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि उसने पूजा करा रहे पुजारियों से आधार कार्ड भी मांगा और उनके साथ बहस करने लगा।

विवाद बढ़ने के बाद अरविंद कमरे में गया और अपनी लाइसेंसी राइफल लेकर बाहर आया। आरोप है कि उसने पत्नी बबीता और दो पुजारियों पर गोली चला दी। गोली लगने से तीनों की मौत हो गई।

तीन बच्चों को कमरे में किया बंद

फायरिंग के बाद अरविंद ने अपने तीन बच्चों को कमरे में बंधक बना लिया। इनमें उसका 9 वर्षीय बेटा शौर्य, 5 वर्षीय बेटी परी और सात महीने की बच्ची शामिल थी।

घटना की सूचना मिलने के बाद छह थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपी लगातार बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दे रहा था। स्थिति को देखते हुए एसओजी और एटीएस कमांडोज को भी मौके पर बुलाया गया।

पुलिस ने घर को चारों तरफ से घेर लिया और आरोपी को लगातार समझाकर सरेंडर करने के लिए कहा।

करीब 7 घंटे तक कमरे में बंद रहा आरोपी

पुलिस के मुताबिक, अरविंद करीब सात घंटे तक बच्चों के साथ कमरे में बंद रहा। रात करीब 1 बजे उसने अपने 9 वर्षीय बेटे शौर्य को गोली मार दी।

इसके बाद पुलिस टीम घर के अंदर दाखिल हुई और बच्चों को बाहर निकाला। पुलिस की कार्रवाई के दौरान अरविंद ने कथित तौर पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतकों में पत्नी, बेटा और दो पुजारी

इस घटना में अरविंद सिंह के अलावा उसकी पत्नी बबीता सिंह (40), बेटा शौर्य (9), पुजारी महेंद्र पाठक (60) और अखिलेश मिश्रा (55) की मौत हुई है।

पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

पुजारी ने बताई घटना की शुरुआत

घटना से बचकर बाहर आए पुजारी हिमांशु मिश्रा के मुताबिक, मंगलवार को अरविंद बाजार गया था और शाम करीब 6 बजे वापस लौटा। इसके बाद उसका पत्नी से विवाद शुरू हो गया।

पुजारी के अनुसार, जब वे लोग अरविंद को समझाने पहुंचे तो उसने उनके साथ भी बहस की और कथित तौर पर अपशब्द कहे। पत्नी बबीता के विरोध करने पर विवाद और बढ़ गया। इसके बाद अरविंद ने राइफल से फायरिंग कर दी।

फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद अरविंद ने खुद को बच्चों के साथ कमरे में बंद कर लिया। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और कई घंटे तक उसे सरेंडर कराने का प्रयास किया।

पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घटना के पीछे की वजह, फायरिंग और एनकाउंटर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

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