कानपुर शहर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर महिलाओं और युवतियों पर ज्वलनशील पदार्थ तथा केमिकल फेंककर उन्हें शारीरिक और मानसिक पीड़ा पहुंचाने का काम कर रहा था। आरोपी की पहचान शारदानगर निवासी दिलशाद के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वह महिलाओं की चीख-पुकार और तड़प देखकर मानसिक संतुष्टि महसूस करता था, जिसने इस मामले को और भी भयावह बना दिया है।
पुलिस के अनुसार, हाल ही में बर्रासातपुर क्षेत्र की एक महिला टीचर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उस पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने ज्वलनशील पदार्थ फेंक दिया। घटना के बाद महिला गंभीर रूप से घबरा गई और उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्ध की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ज्वलनशील पदार्थ और करीब 510 ग्राम चरस भी बरामद की। पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह युवतियों और महिलाओं पर केमिकल या अन्य पदार्थ फेंकता था और उनकी प्रतिक्रिया देखकर उसे आनंद की अनुभूति होती थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी का व्यवहार सामान्य नहीं लग रहा है और उसके मानसिक स्वास्थ्य के पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास पहले से रहा है। वर्ष 2022 में वह काकादेव क्षेत्र में पॉक्सो एक्ट के एक मामले में जेल जा चुका है। इससे स्पष्ट होता है कि वह पहले भी गंभीर अपराधों में शामिल रहा है। पुलिस अब उसके पुराने रिकॉर्ड और अन्य संभावित मामलों की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं उसने इसी तरह की अन्य घटनाओं को भी अंजाम तो नहीं दिया।
डीसीपी पश्चिम ने बताया कि कुछ दिन पहले शारदानगर इलाके में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा पर भी केमिकल फेंके जाने की घटना सामने आई थी। पुलिस को संदेह है कि इस घटना के पीछे भी यही आरोपी शामिल हो सकता है। इसके अलावा अन्य शिकायतों को भी आरोपी से जोड़कर जांच की जा रही है।
महिलाओं पर हमले की लगातार घटनाओं ने स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश पैदा कर दिया है। सामाजिक संगठनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है और महिलाओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठाने की आवश्यकता बताई है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं को निशाना बनाना बेहद गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त सजा मिलनी चाहिए।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और यदि अन्य घटनाओं में भी उसकी संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ अतिरिक्त धाराएं लगाई जाएंगी। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी से पुलिस ने राहत की सांस ली है, लेकिन यह घटना समाज में बढ़ती विकृत मानसिकता और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है।