धनराज नथवानी के नाम से सपा ने राज्यसभा चुनाव में चौंकाया

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव होना है। इसके लिए नामांकन प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हुई। चुनाव कार्यक्रम के तहत राजनीतिक दलों ने अपने प्रत्याशियों के नाम तय करने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी ने अपने दो उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक किए। पार्टी की ओर से रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी के नाम सामने आने के बाद राज्यसभा चुनाव को लेकर ...

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  • September 30, 2026 11:08 am IST, Published 42 minutes ago

समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव के लिए अपने दो उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने वरिष्ठ नेता और मौजूदा राज्यसभा सदस्य रह चुके रामगोपाल यादव के साथ धनराज परिमल नथवानी को प्रत्याशी बनाया है। पार्टी की ओर से धनराज नथवानी के नाम की घोषणा के साथ यह भी बताया गया कि वह बुधवार को सुबह 11 बजे अपना नामांकन दाखिल करेंगे। नथवानी के नाम की घोषणा के बाद राजनीतिक हलकों में उनके बारे में चर्चा तेज हो गई है कि वह कौन हैं और समाजवादी पार्टी ने उन्हें उच्च सदन के लिए क्यों चुना है।

धनराज परिमल नथवानी गुजरात से आते हैं और कारोबारी तथा खेल प्रशासन से जुड़े रहे हैं। उनकी आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार वह रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड में निदेशक के पद पर हैं। कॉरपोरेट क्षेत्र के साथ-साथ उनकी रुचि सामाजिक गतिविधियों, खेल, वन्यजीव और फोटोग्राफी में भी बताई गई है। गुजरात में खेल प्रशासन के क्षेत्र में भी नथवानी की सक्रियता रही है। वह गुजरात स्टेट फुटबॉल एसोसिएशन से जुड़े हैं और गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

धनराज नथवानी का नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उनके पिता परिमल नथवानी भी राज्यसभा के सदस्य हैं। परिमल नथवानी हाल में झारखंड से राज्यसभा पहुंचे हैं। उन्होंने झारखंड से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था और भारतीय जनता पार्टी ने उनके पक्ष में समर्थन दिया था। अब यदि धनराज नथवानी भी राज्यसभा पहुंचते हैं तो पिता और पुत्र दोनों संसद के उच्च सदन के सदस्य होंगे। दोनों की राज्यसभा सदस्यता अलग-अलग राज्यों से होगी।

धनराज नथवानी का पेशेवर अनुभव मुख्य रूप से कॉरपोरेट गतिविधियों और खेल प्रशासन से जुड़ा रहा है। रिलायंस समूह से उनके जुड़ाव के अलावा गुजरात में खेल संगठनों में उनकी भूमिका उन्हें सार्वजनिक क्षेत्र में भी पहचान दिलाती रही है। फुटबॉल और क्रिकेट प्रशासन से जुड़े कार्यों के चलते वह राज्य के खेल जगत में सक्रिय रहे हैं। उनकी प्रोफाइल में सामाजिक कार्यों और वन्यजीव संरक्षण जैसी गतिविधियों में रुचि का भी उल्लेख मिलता है।

दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी ने रामगोपाल यादव को एक बार फिर राज्यसभा भेजने का फैसला किया है। रामगोपाल यादव पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और लंबे समय से संसदीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वह पहले भी राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं। समाजवादी पार्टी के संसदीय मामलों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वह पार्टी के संस्थापक रहे मुलायम सिंह यादव के भाई हैं और समाजवादी पार्टी के प्रमुख रणनीतिक तथा संसदीय चेहरों में गिने जाते हैं।

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव होना है। इसके लिए नामांकन प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हुई। चुनाव कार्यक्रम के तहत राजनीतिक दलों ने अपने प्रत्याशियों के नाम तय करने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी ने बुधवार को अपने दो उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक किए। पार्टी की ओर से रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी के नाम सामने आने के बाद राज्यसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

चुनावी प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों के नामांकन, प्रस्तावकों की संख्या और अन्य औपचारिकताओं को पूरा किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार भाजपा की ओर से आठ और समाजवादी पार्टी की ओर से चार नामांकन पत्र लिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि अंतिम स्थिति नामांकन दाखिल होने और निर्वाचन प्रक्रिया के अगले चरणों के बाद स्पष्ट होगी।

राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है, क्योंकि राज्य से उच्च सदन के लिए बड़ी संख्या में सदस्य चुने जाते हैं। ऐसे में इस बार होने वाले द्विवार्षिक चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपनी रणनीति के अनुसार उम्मीदवारों का चयन कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी के दो नामों में एक ओर अनुभवी संसदीय चेहरा रामगोपाल यादव हैं, जबकि दूसरी ओर धनराज नथवानी के रूप में कॉरपोरेट और खेल प्रशासन से जुड़े व्यक्ति को मौका दिया गया है। अब नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावी तस्वीर और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।

 

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